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आपरेशन के बाद बीमा क्लेम देने से इन्कार : जिला उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी पर लगाया 35 हजार जुर्माना

Thu, 28 Nov 2024 06:36 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Thu, 28 Nov 2024 06:36 PM IST
सार

भदोही जिला उपभोक्ता आयोग से खबर है। बीमा क्लेम देने से इनकार की शिकायत पर इंश्योरेंस कंपनी पर जुर्माना लगा है। बताया जा रहा है कि पीड़ित के आंख के आपरेशन में 45 हजार रुपये का खर्च आया था जिसकी शिकायत के बाद आयोग ने छह फीसदी ब्याज के साथ धनराशि देने का निर्देश दिया है।

 

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Refusal to give insurance claim after operation: District Consumer Commission imposed a fine of 35 thousand on
जिला उपभोक्ता आयोग न्यायालय - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

ज्ञानपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने हेल्थ इंश्योरेंस का बीमा क्लेम का भुगतान न करने पर इंश्योरेंस कंपनी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना ठोका। आयोग ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को दो माह के अंदर पीड़ित की चिकित्सा पर खर्च हुए 45 हजार रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का निर्देश दिया। दो माह के भीतर भुगतान न करने पर पूरी धनराशि नौ फीसदी ब्याज के साथ चुकानी होगी।

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जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि गोपीगंज के अचारी मार्केट सोनिया तालाब निवासी सीताराम पाठक समेत डॉ. अजीत पाठक ने स्टार हेल्थ एलाइड इंश्योरेंस कंपनी चेन्नई के प्रधान प्रबंधक और स्टार हेल्थ एलाइड इंश्योरेंस कंपनी वाराणसी के मंडलीय प्रबंधक के साथ स्टाइल हेल्थ एलाइड इंश्योरेंस कंपनी की अल्पना कुमारी के खिलाफ शिकायत करते हुए 20 मई 2024 को शिकायत दर्ज कराया था।
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आरोप लगाया था कि स्टार हेल्थ एलाइड इंश्योरेंस कंपनी के ने परिवादी को इलाज करने पर आए हुए खर्च का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बताया कि पीड़ित के आंख में पीड़ा हुई। जिसके बाद चिकित्सकों की सलाह पर कैटरेक्ट ऑपरेशन कराया। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद जब क्लेम किया गया तो बीमा कंपनी ने इलाज को प्री एक्जिस्टिंग डिजीज के अंतर्गत बताते हुए क्लेम खारिज कर दिया। जिसके बाद पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
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जिसपर सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे और महिला सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव की पीठ ने इंश्योरेंस कंपनी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना ठोका। आयोग ने इलाज खर्च 45 हजार रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का निर्देश दिया। चेताया कि अगर दो माह में धनराशि का भुगतान नहीं किया गया तो इलाज की धनराशि नौ फीसदी ब्याज के साथ चुकानी होगी।

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