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जिलाधिकारी ने किया विधालयों का निरीक्षण

Fri, 25 Oct 2019 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2019 12:36 AM IST
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Reality of schools exposed to DM
लालानगर/कौलापुर। जिलाधिकारी के निरीक्षण में बृहस्पतिवार को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई की असलियत उजागर हो गई। इब्राहिमपुर में गिनती-पहाड़ा और केदारपुर में संस्कृत, विज्ञान के मामूली प्रश्नों के उत्तर बच्चे नहीं दे पाए। इस पर डीएम ने शिक्षकों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था में सुधार लाने की चेतावनी दी। कहा कि बच्चों के अंदर की झिझक को निकालें। डीएम के औचक निरीक्षण से शिक्षकों में अफरातफरी की स्थिति रही।
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कई दिनों से डीघ क्षेत्र के दर्जनों परिषदीय विद्यालयों में मिल रहीं तरह-तरह की शिकायतों पर बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। वह अचानक विद्यालयों में पहुंचे और एमडीएम, नि:शुल्क ड्रेस, जूता-मोजा, बैग, छात्रवृत्ति, पठन-पाठन, स्कूलों तक पहुंचने का मार्ग, पेयजल, उपस्थिति आदि का बिंदुवार निरीक्षण किया। इब्राहिमपुर परिषदीय विद्यालय में बच्चों से पहाड़ा, अंग्रेजी में नाम बनाना, गुणा-भाग के सवाल पूछे। मगर बच्चे कुछ कुछ नहीं बता पाए। इस पर डीएम ने शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय केदारपुर पहुंचकर उन्होंने कक्षा आठ के बच्चों से विज्ञान, संस्कृत के प्रश्न पूछे। संस्कृत में ‘राम’ और ‘बालक’ का धातु रूप और अंग्रेजी में कविता सुनाने को कहा। बच्चे जवाब नहीं दे पाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षक बच्चों को शिक्षित करने में कमी न छोड़ें। प्राथमिक शिक्षा मजबूत होगी, तभी आगे भी वह बढ़ सकेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को
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27 लाख के अधूरे मॉडल स्कूल पर नहीं पड़ी नजर
जंगीगंज। बीआरसी वहिदानगर से लेकर प्राथमिक विद्यालय दरवांसी, मैलोना-मुस्लिम बस्ती, रजमला, रामकिशुनपुर-बसहीं और गोधना में व्याप्त अनियमितताओं पर अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ी है। बीते वित्तीय सत्र में 27 लाख रुपये खर्च कर पुरानी और बेकार पड़ी बिल्डिंग, प्राथमिक विद्यालय दरवांसी प्रथम की अधूरी व्यवस्थाएं चर्चा का विषय हैं। परिसर में जंगली घासों का जाल, अधूरे ट्री गार्ड, नवनिर्मित बिल्डिंग में सीलन, पीछे की दीवार पर प्लास्टर का न होना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पेश करता है। इसी तरह मैलौना-मुस्लिम बस्ती में अधूरा पड़ा रसोई घर, गंदगी से पटा शौचालय शिक्षकों का मुंह चिढ़ा रहे हैं। जूनियर बालिका हाईस्कूल दरवांसी में दो दशक बाद भी बाउंड्रीवाल, रास्ते का अभाव सता रहा है। बच्चों को फल के नाम पर खराब केला दिया जाना अभिभावकों को भी परेशान करता है। रामकिशुनपुर-बसहीं स्कूल की क्षतिग्रस्त दीवारें किसी अनहोनी को आमंत्रण देती रहती हैं।
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इनसेट-
शिक्षक के अनुपस्थित रहने का आरोप
ज्ञानपुर। औराई ब्लॉक क्षेत्र के लसमड़िया परिषदीय स्कूल में तैनात एक सहायक अध्यापक के खिलाफ ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत करने पहुंचे इंद्रजीत यादव, मनिस्टर, शिवराज, प्रमोद गोड, विनोद सिंह, जगदीश सिंह, संजय सिंह, महेंद्र सरोज, श्यामसुंदर पाल, सुभाष यादव, कृष्ण कुमार, विक्रम सरोज, जीतलाल सरोज, रमेश यादव, रिंकू यादव आदि ने आरोप लगाया कि शिक्षक तैनाती के समय से ही उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने के 10 मिनट बाद ही घर चले जाते हैं। इससे शिक्षण कार्य हमेशा बाधित रहता है। पूर्व में हुई शिकायत को बेसिक शिक्षा विभाग ने ठंड बस्ते डाल दिया। आरोप लगाया कि राजनैतिक प्रभाव के कारण न तो खंड शिक्षाधिकारी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और न बीएसए। जांच कराकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। बीएसए अमित कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है खंड स्तरीय अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। सही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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