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पुरानी पेंशन की बहाली के लिए बुलंद की आवाज
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Fri, 01 Apr 2016 07:22 PM IST
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पुरानी पेंशन की बहाली के लिए बुलंद की आवाज
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पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। बीआरसी ज्ञानपुर में एकत्रित हुए शिक्षकों ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। डीएम और बीएसए को पत्रक सौंपकर अविलंब पुरानी पेंशन को लागू कराने की मांग की।
बीआरसी पर आयोजित प्रदर्शन में शिक्षक नेता धीरज सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन को लागू कराने के लिए संगठनों ने सरकार पर दबाव नहीं बनाया। इससे शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि नई पेंशन नीति से उन्हें सेवानिवृत्त होने पर खास लाभ नहीं मिलेगा जबकि पुरानी पेंशन नीति से बुढ़ापे के समय फायदा मिलता। शिक्षक विनोद कुमार ने कहा कि नई पेंशन नीति को बाजार के सहारे छोड़ दिया गया है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि पुरानी पेंशन को लागू कराने के लिए वह खुद अपनी लड़ाई लड़ेंगे। सरकार को उनकी मांगे मांननी होगी। इस मौके पर रमेश यादव, अरविंद, महेंद्र दूबे, भागीरथी, शिवम श्रीवास्तव, रामसुख यादव, मनीष सिंह, आशीष दूबे, निशांत, रणधीर दूबे, अनिल कुमार, रमाकांत मौर्य, मनीष त्रिपाठी, विपिन सिंह, मुन्नीलाल, सुषमा मौर्य आदि मौजूद रहे।
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बीआरसी पर आयोजित प्रदर्शन में शिक्षक नेता धीरज सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन को लागू कराने के लिए संगठनों ने सरकार पर दबाव नहीं बनाया। इससे शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि नई पेंशन नीति से उन्हें सेवानिवृत्त होने पर खास लाभ नहीं मिलेगा जबकि पुरानी पेंशन नीति से बुढ़ापे के समय फायदा मिलता। शिक्षक विनोद कुमार ने कहा कि नई पेंशन नीति को बाजार के सहारे छोड़ दिया गया है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि पुरानी पेंशन को लागू कराने के लिए वह खुद अपनी लड़ाई लड़ेंगे। सरकार को उनकी मांगे मांननी होगी। इस मौके पर रमेश यादव, अरविंद, महेंद्र दूबे, भागीरथी, शिवम श्रीवास्तव, रामसुख यादव, मनीष सिंह, आशीष दूबे, निशांत, रणधीर दूबे, अनिल कुमार, रमाकांत मौर्य, मनीष त्रिपाठी, विपिन सिंह, मुन्नीलाल, सुषमा मौर्य आदि मौजूद रहे।
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