आधुनिक खेती कर लाभ कमाएं किसान
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय सब्जी अनुसंधान वाराणसी के वैज्ञानिक डॉ.आरएन प्रसाद ने किसानों को परंपरागत खेती से हटकर वैज्ञानिक खेती करने पर जोर दिया। कहा कि किसानों को तकनीकी की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसलिए किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करके इसका अधिक से अधिक लाभ उठाए। उप कृषि निदेशक डॉ. आरके मौर्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की माली हालत बेहतर करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। किसान अपना पंजीकरण कराकर अनुदानित योजनाओं का लाभ उठाएं।
बिना पंजीकरण कराए योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती बंद करने का आग्रह किया। जिला कृषि अधिकारी ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि रसायन के अधिक प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति लगाकर घट रही है। किसान जैविक खेती कर अधिक पैदावार प्राप्त करें। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के वैज्ञानिक
डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. आरएन प्रसाद ने फसलों में लगने वाली विभिन्न बीमारियों को दूर करने की जानकारी दी। इसी तरह कृषि वैज्ञानिक डॅ. राकेश कुमार पांडेय, डॅ. एके चतुर्वेदी, डॅ. रेखा सिंह ने भी किसानों को विभाग से जुड़ी कई जानकारी दी। इस दौरान पशुपालन, मत्स्य और उद्यान विभाग के अधिकारियों ने विभाग की अनुदानित योजनाओं से किसानों को अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग, उद्यान विभाग की ओर से कई स्टाल लगाए गए थे। दूर दराज से आए किसानों से स्टालों पर सामानों को देखा।
जिला उद्यान अधिकारी एसएमपी पटेल ने अपने विभाग के योजनाओं की जानकारी दी। कृषि अधिकारी ओपी मिश्र ने गुणवत्ता युक्त बीज, रसायनिक कीटनाशी उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। जल, भूमि, बीज, जलवायु, यंत्र एवं किसान पर विस्तार से चर्चा की। गर्मी में मूंग, उर्द की वैज्ञानिक खेती के बारे में बताया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जीके चौधरी ने पशुओं में बाझपन और उसके निवारण की जानकारी दी। इस मौके पर पीडी संत कुमार, डॉ.राकेश पांडेय, डॉ.प्रभाषचंद सिंह, धनंजय प्रसाद सिंह, वीवी दीप्तिकार, विद्या मिश्रा आदि रहे।