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कल्पवास मेले की तैयारियां तेज
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जंगीगंज। सेमराधनाथ धाम में गंगा तट पर लगने वाले कल्पवास मेले की तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। रेत पर आवागमन के लिए चकरप्लेट के साथ ही बिजली कनेक्शन देने का काम चल रहा है। इसके साथ ही मेले में धीरे-धीरे रौनक बढ़ने लगी है। डीएम-एसपी ने मेले में कानून-व्यवस्था सुचारु रखने का निर्देश दिया है।
14 जनवरी 1996 में ब्रह्मलीन स्वामी रामशंकर दास ने स्वयंभू बाबा सेमराध नाथ की प्रेरणा से कल्पवास मकर माघ मेले की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे इसकी देखरेख की जिम्मेदारी प्रशासन ने अपने हाथों में ले लिया। हरिद्वार, नासिक, उज्जैन और प्रयागराज के बाद सेमराध ही ऐसा पवित्र स्थान हैं, जहां कल्पवास का मेला लगता है। 25वें वर्ष होने वाले कल्पवास का बुधवार को जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने गंगा पूजन कर शुरुआत कर दी। डीएम के सख्त रवैये को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने रास्ता बनाने के लिए चकरप्लेट पहुंचा दी। शुक्रवार को चकर प्लेट लगाने का काम शुरू हो जाएगा। उसके बाद विद्युतीकरण, अस्थायी शौचालय, साफ-सफाई और चिकित्सा की व्यवस्था की जाएगी। 13 जनवरी को पहला स्नान पर्व है, जिसको देखते हुए 10 से 11 जनवरी तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मेला आयोजन समिति के प्रमुख स्वामी करुणा शंकर दास ने बताया की पौष पूर्णिमा से कल्पवासी पहुंचने शुरू हो जाएंगे, लेकिन मकर संक्राति को संख्या अधिक हो जाएगी। डीएम के निर्देश पर काम शुरू हो गए है। एडीएम राम सिंह वर्मा ने कहा कि मेलास्थल पर सभी विभागों के कायोऱरं की निगरानी की जा रही है। तय समय में काम न होने पर कार्रवाई होगी।
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14 जनवरी 1996 में ब्रह्मलीन स्वामी रामशंकर दास ने स्वयंभू बाबा सेमराध नाथ की प्रेरणा से कल्पवास मकर माघ मेले की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे इसकी देखरेख की जिम्मेदारी प्रशासन ने अपने हाथों में ले लिया। हरिद्वार, नासिक, उज्जैन और प्रयागराज के बाद सेमराध ही ऐसा पवित्र स्थान हैं, जहां कल्पवास का मेला लगता है। 25वें वर्ष होने वाले कल्पवास का बुधवार को जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने गंगा पूजन कर शुरुआत कर दी। डीएम के सख्त रवैये को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने रास्ता बनाने के लिए चकरप्लेट पहुंचा दी। शुक्रवार को चकर प्लेट लगाने का काम शुरू हो जाएगा। उसके बाद विद्युतीकरण, अस्थायी शौचालय, साफ-सफाई और चिकित्सा की व्यवस्था की जाएगी। 13 जनवरी को पहला स्नान पर्व है, जिसको देखते हुए 10 से 11 जनवरी तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मेला आयोजन समिति के प्रमुख स्वामी करुणा शंकर दास ने बताया की पौष पूर्णिमा से कल्पवासी पहुंचने शुरू हो जाएंगे, लेकिन मकर संक्राति को संख्या अधिक हो जाएगी। डीएम के निर्देश पर काम शुरू हो गए है। एडीएम राम सिंह वर्मा ने कहा कि मेलास्थल पर सभी विभागों के कायोऱरं की निगरानी की जा रही है। तय समय में काम न होने पर कार्रवाई होगी।
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