{"_id":"6799274b9fe953d9620776b5","slug":"pradhan-allotted-the-house-only-to-mother-and-younger-brothers-wife-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-121759-2025-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: प्रधान ने मां व छोटे भाई की पत्नी को ही आवंटित कर दिया आवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: प्रधान ने मां व छोटे भाई की पत्नी को ही आवंटित कर दिया आवास
विज्ञापन
डीघ ब्लॉक के ओझापुर गांव में प्रधान की अपनी मां और छोटे भाई की पत्नी के नाम से आवास आवंटित आवास मामले में अब उनसे धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी।
जांच के बाद अपात्र को आवास देने और मानक अनुरूप आवास न मिलने पर परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण आदित्य पांडेय ने रिकवरी को नोटिस जारी करते की। उन्होंने डीघ बीडीओ को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश दिया।
डीघ ब्लॉक के ओझापुर गांव निवासी शिकायतकर्ता लवकुश तिवारी ने बीते दिनों डीएम से शिकायत दर्ज कराई थी।
बताया कि प्रधान की ओर से वर्ष 2020-21 में दो महिलाओं के नाम का चयन कर उनके खाते में तीन किश्तों में एक लाख 20 हजार प्रति आवास के अनुसार दो लाख 40 हजार भेजा गया। आरोप लगाया कि दोनों लोगों के पास पहले से ही पक्का मकान था।
इसके अलावा आवास लाभार्थियों में एक उनकी मां और एक उनके छोटे भाई की पत्नी थी। आरोप है कि दोनों के खाते में बिना आवास निर्माण कराये ही धनराशि आवंटित कर दी गई है। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और फोटो के सहारे मनरेगा से आवास निर्माण की मजदूरी के नाम पर 30 हजार रुपये का भी भुगतान कर लिया गया।
विज्ञापन
डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को सौंपी। सीडीओ ने डीपीआरओ को जांच को भेजा। जांच में मामला सही मिलने पर प्रधान की मां और छोटे भाई की पत्नी से धनराशि के रिकवरी का आदेश दिया।
परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण आदित्य पांडेय ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद मामला सही मिलने पर रिकवरी का नोटिस जारी किया गया है। मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
जांच के बाद अपात्र को आवास देने और मानक अनुरूप आवास न मिलने पर परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण आदित्य पांडेय ने रिकवरी को नोटिस जारी करते की। उन्होंने डीघ बीडीओ को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश दिया।
डीघ ब्लॉक के ओझापुर गांव निवासी शिकायतकर्ता लवकुश तिवारी ने बीते दिनों डीएम से शिकायत दर्ज कराई थी।
बताया कि प्रधान की ओर से वर्ष 2020-21 में दो महिलाओं के नाम का चयन कर उनके खाते में तीन किश्तों में एक लाख 20 हजार प्रति आवास के अनुसार दो लाख 40 हजार भेजा गया। आरोप लगाया कि दोनों लोगों के पास पहले से ही पक्का मकान था।
विज्ञापन
इसके अलावा आवास लाभार्थियों में एक उनकी मां और एक उनके छोटे भाई की पत्नी थी। आरोप है कि दोनों के खाते में बिना आवास निर्माण कराये ही धनराशि आवंटित कर दी गई है। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और फोटो के सहारे मनरेगा से आवास निर्माण की मजदूरी के नाम पर 30 हजार रुपये का भी भुगतान कर लिया गया।
विज्ञापन
डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को सौंपी। सीडीओ ने डीपीआरओ को जांच को भेजा। जांच में मामला सही मिलने पर प्रधान की मां और छोटे भाई की पत्नी से धनराशि के रिकवरी का आदेश दिया।
परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण आदित्य पांडेय ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद मामला सही मिलने पर रिकवरी का नोटिस जारी किया गया है। मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।