फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Posts in government schools remain unfilled for 16 years, half vacant

Bhadohi News: राजकीय स्कूलों में 16 साल में नहीं भरे पद, आधे खाली

Sat, 04 Jul 2026 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
Posts in government schools remain unfilled for 16 years, half vacant
ज्ञानपुर विएनजीआईसी का मेन गेट। संवाद
ज्ञानपुर। जिले के राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। 16 साल बाद भी रिक्त पदों पर शिक्षकों का चयन न होने से अब भी आधे से अधिक शिक्षकों और प्रवक्ताओं की कमी से छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन

तीन से चार शिक्षकों पर आठ से नौ विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी है। जिले में 33 राजकीय हाईस्कूल और पांच राजकीय इंटर कॉलेज हैं। साल 2009 में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र ने 33 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को उच्चीकृत कर हाईस्कूल का दर्जा दिया।
विज्ञापन

भवन-लैब निर्माण संग अन्य संसाधनों को पूरा करने के लिए प्रति स्कूल को 57-57 लाख रुपये भी मिले। उस दौरान सभी स्कूलों में भवन तो बन गए, लेकिन छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी। 2009-10 से शिक्षकों की कमी आज 2026 में भी पूरी नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे स्कूलों में पठन-पाठन कमजोर हो रहा है। स्थिति यह है कि किसी स्कूल में तीन तो किसी में चार के भरोसे ही स्कूल की कक्षाएं चल रही हैं। विज्ञान के शिक्षक नहीं, कैसे बनेंगे डॉक्टर : राजकीय माध्यमिक हाईस्कूल के अलावा इंटर कॉलेजों की हालत भी ठीक नहीं है। पीएम श्री वीएनजीआईसी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जगन्नाथपुर, महराजगंज, दो पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज संचालित हैं। इसमें करीब चार हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। 2500 विद्यार्थी विज्ञान वर्ग से जुड़े हैं। जगन्नाथपुर में गणित, गिर्दबड़गांव में रसायन के एक-एक प्रवक्ता हैं। भौतिक विज्ञान के एक भी प्रवक्ता किसी कॉलेज में नहीं है। चार स्कूलों में गणित व रसायन विज्ञान के शिक्षक नहीं है। इससे विज्ञान की पढ़ाई में दिक्कत होती है।
कितने शिक्षकों की होनी थी तैनाती
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान शुरू होने के बाद शिक्षकों की तैनाती के गाइडलाइन भी जारी भी किए जा चुके थे। गाइड लाइन के अनुसार हर स्कूल में प्रधानाध्यापक सहित आठ शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों की तैनाती की जानी थी, हालांकि कहीं भी इसे पूरा नहीं किया जा सका। तीन, चार और पांच शिक्षकों के सहारे ही स्कूल चल रहे हैं।

शिक्षकों की स्थिति
स्कूल स्वीकृत पद तैनाती
33 राजकीय हाईस्कूल 264 142
राजकीय इंका महराजगंज 18 09
राजकीय इंका जगन्नाथपुर 17 05
वीएनजीआईसी इंका ज्ञानपुर 85 28
राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी कई सालों से है। पूर्व की अपेक्षा सहायक अध्यापकों की संख्या बढ़ी है। शिक्षकों की कमी के बारे में हर साल लिखकर निदेशालय भेजी जाती है।- अंशुमान, डीआईओएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed