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पुलिस की अभद्रता पर भड़के ग्रामीण
bhadohi hindi news
Updated Thu, 27 Apr 2017 01:29 AM IST
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लालानगर/गोपीगंज। गोपीगंज थानाक्षेत्र के गुलौरी गंगा घाट पर बुधवार को पुलिस के अभद्र व्यवहार के बाद ग्रामीण भड़क गए। नाराज ग्रामीणों ने यूपी-100 के वाहन को घेर लिया और तीन टायरों की हवा निकाल दी। इससे पुलिस की स्थिति बंधक सी हो गई। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस के डर से गंगा घाट पर मौजूद गांव के युवकों ने गंगा में छलांग लगा दी और उनके साथ दो बच्चे भी कूद गए और डूबने लगे। अगर उन्हें समय पर निकाला न जाता तो कुछ भी हो सकता था। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची गोपीगंज थाने की पुलिस ने समझा-बुझाकर ग्रामीणों को शांत कराया।
मंगलवार को दोपहर यूपी-100 वाहन संख्या यूपी 32 डीजी 2290 को सूचना मिली कि गुलौरी गांव में शौचालय को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस का वाहन घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। लेकिन, पुलिसकर्मी घटनास्थल पर न पहुंचकर गुलौरी घाट पहुंच गए। वहां ग्रामीणों के साथ पुलिस का विवाद हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के ही तीन चार युवक और दो तीन बालक गंगा के किनारे अपने कपड़े मोबाइल रखकर स्नान कर रहे थे। इसी बीच यूपी-100 के एक सिपाही ने किसी बात को लेकर गंगा के किनारे रखे बेलचे और फावड़ों को गंगा में फेंक दिया । स्नान कर रहे युवकों ने इसका विरोध किया तो उनके कपड़े और मोबाइल भी गंगा में फेंक दिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने जब इसके बाबत पूछा तो पुलिसकर्मी उन्हें मारने के लिए दौड़ पड़े। युवकों ने बताया कि डर के मारे हम लोग गंगा में कूद गए और हमें देख दो छोटे बच्चे भी गंगा में कूद गए। वे तैरना नहीं जानते थे और डूबने लगे। आनन-फानन युवकों ने उन्हें बचाया। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए और पुलिस की गाड़ी को घेरकर उसके तीन चक्कों की हवा निकाल दी। इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मनोज पांडेय दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस की गाड़ी के टायर को बदलवाकर वापस लौटे। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष गंगा घाट पर नाराजगी जताने पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिपाही ने ड्यूटी के समय भी दारू पी रखी थी। पुलिस की मानें तो ग्रामीणों के ऊपर आरोप लगाया गया कि ग्रामीणों ने सिपाही के साथ अभद्रता की। हालांकि पुलिस कप्तान डीपीएन पांडेय ने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं। लेकिन, पहुंचने पर मामले को देखेंगे और सीओ से जांच करवाकर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार को दोपहर यूपी-100 वाहन संख्या यूपी 32 डीजी 2290 को सूचना मिली कि गुलौरी गांव में शौचालय को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस का वाहन घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। लेकिन, पुलिसकर्मी घटनास्थल पर न पहुंचकर गुलौरी घाट पहुंच गए। वहां ग्रामीणों के साथ पुलिस का विवाद हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के ही तीन चार युवक और दो तीन बालक गंगा के किनारे अपने कपड़े मोबाइल रखकर स्नान कर रहे थे। इसी बीच यूपी-100 के एक सिपाही ने किसी बात को लेकर गंगा के किनारे रखे बेलचे और फावड़ों को गंगा में फेंक दिया । स्नान कर रहे युवकों ने इसका विरोध किया तो उनके कपड़े और मोबाइल भी गंगा में फेंक दिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने जब इसके बाबत पूछा तो पुलिसकर्मी उन्हें मारने के लिए दौड़ पड़े। युवकों ने बताया कि डर के मारे हम लोग गंगा में कूद गए और हमें देख दो छोटे बच्चे भी गंगा में कूद गए। वे तैरना नहीं जानते थे और डूबने लगे। आनन-फानन युवकों ने उन्हें बचाया। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए और पुलिस की गाड़ी को घेरकर उसके तीन चक्कों की हवा निकाल दी। इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मनोज पांडेय दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस की गाड़ी के टायर को बदलवाकर वापस लौटे। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष गंगा घाट पर नाराजगी जताने पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिपाही ने ड्यूटी के समय भी दारू पी रखी थी। पुलिस की मानें तो ग्रामीणों के ऊपर आरोप लगाया गया कि ग्रामीणों ने सिपाही के साथ अभद्रता की। हालांकि पुलिस कप्तान डीपीएन पांडेय ने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं। लेकिन, पहुंचने पर मामले को देखेंगे और सीओ से जांच करवाकर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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