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मुआवजे के लिए ग्रामीणों का प्रदर्शन
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ज्ञानपुर। वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग के सिक्सलेन निर्माण में जमीन अधिग्रहीत करने के बाद भी मुआवजा न मिलने पर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। डीघ क्षेत्र के गोधना गांव के लोगों ने लामबंद होकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कहा कि उन्हें दो वर्ष से मुआवजा नहीं मिला, जबकि सिक्सलेन निर्माण का कार्य पूर्ण होने के बाद हाईवे चालू हो गया है। दूसरी ओर एनएचएआई का कहना है कि मुआवजे की रकम जिला प्रशासन को सौंप दी गई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजस्वकर्मियों ने दो वर्ष पूर्व गोधना गांव के 20 काश्तकारों की जमीन अधिग्रहीत कर मुआवजे के लिए पत्रावली भूमि अध्याप्ति अधिकारी के यहां जमा कर दिया है। प्रभावित काश्तकारों को 51 लाख आठ हजार 711 रुपये मुआवजा मिलना है। अब काश्तकार कभी एनएचएआई तो कभी तहसील और कलेक्ट्रेट का चक्कर काट रहे हैं। सोमवार से एनएचएआई ने सर्विसलेन बनाने का कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन मुआवजे के बारे में नहीं सोचा जा रहा है। डीएम राजेंद्र प्रसाद ने ग्रामीणों को एनएचएआई, भूमि अध्याप्ति विभाग से जांच कराने का आश्वासन दिया। एनएचएआई के परियोजना निदेशक एके राय ने बताया कि एक वर्ष पहले 37 करोड़ रुपये औराई, ज्ञानपुर तहसील अंतर्गत अधिग्रहीत जमीनों के लिए जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब हाईवे के अधूरे कार्यों को किसी भी हालत में पूरा कराया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में नंदलाल, मुकुंद लाल, रमेशचंद, रीता देवी, चमेला देवी, शोभा देवी, रामादेवी, केशा देवी. राजेश कुमार आदि रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजस्वकर्मियों ने दो वर्ष पूर्व गोधना गांव के 20 काश्तकारों की जमीन अधिग्रहीत कर मुआवजे के लिए पत्रावली भूमि अध्याप्ति अधिकारी के यहां जमा कर दिया है। प्रभावित काश्तकारों को 51 लाख आठ हजार 711 रुपये मुआवजा मिलना है। अब काश्तकार कभी एनएचएआई तो कभी तहसील और कलेक्ट्रेट का चक्कर काट रहे हैं। सोमवार से एनएचएआई ने सर्विसलेन बनाने का कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन मुआवजे के बारे में नहीं सोचा जा रहा है। डीएम राजेंद्र प्रसाद ने ग्रामीणों को एनएचएआई, भूमि अध्याप्ति विभाग से जांच कराने का आश्वासन दिया। एनएचएआई के परियोजना निदेशक एके राय ने बताया कि एक वर्ष पहले 37 करोड़ रुपये औराई, ज्ञानपुर तहसील अंतर्गत अधिग्रहीत जमीनों के लिए जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब हाईवे के अधूरे कार्यों को किसी भी हालत में पूरा कराया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में नंदलाल, मुकुंद लाल, रमेशचंद, रीता देवी, चमेला देवी, शोभा देवी, रामादेवी, केशा देवी. राजेश कुमार आदि रहे।
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