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मौसम बदलने के साथ ही बढ़ने लगे मरीज
भदोही
Updated Wed, 15 Mar 2017 12:53 AM IST
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मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
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मौसम बदलने के साथ ही बीमारियों ने भी हमला बोल दिया है। लोग बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी मरीजों की भीड़ से पटी रही। यहां इमर्जेंसी में 20 मरीज भर्ती कराए गए, जबकि ओपीडी में 562 पर्चियां कटीं। सीएचसी-पीएचसी में भी मरीजों की भारी भीड़ रही।
होली बीतने के साथ ही मौसम की तासीर गर्म महसूस होने लगी है। हालांकि चार-पांच दिनों से मौसम में उलटफेर हुआ है। कड़क धूप को अचानक मौसम में आई नरमी ने कम कर दिया। तेज हवा के झोंकों और बादलों की मौजूदगी के बीच दिन में भी बदली का मौसम हो गया था।
इसके बाद दिन में धूप और सुबह-शाम एवं रात में सिहरन ने धीरे-धीरे बाक्स में जा रहे रजाई-गद्दे और लोगों के कपड़े को रोक दिया है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव से सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त और पेट से जुड़ी बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है।
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मंगलवार को अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में 562 पर्चियां कटीं, जबकि इमर्जेंसी में नागमलपुर निवासी सरोजा (35), पुरानी बाजार निवासी आनंद (28), भिदिउरा निवासी विद्यावती (70), चककुमार निवासी मीना (26), कटेबना निवासी किरन (28), थानीपुर निवासी प्रभाजीत (25), भुसौल निवासी श्यामला (65) समेत 20 मरीज भर्ती कराए गए। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में खान-पान और दिनचर्या का ध्यान रखने की सलाह दी है।
डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नियमित दिनचर्या और ताजे खान-पान का होना जरूरी है। पेट की समस्या ज्यादा बढ़े तो फौरी तौर पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
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होली बीतने के साथ ही मौसम की तासीर गर्म महसूस होने लगी है। हालांकि चार-पांच दिनों से मौसम में उलटफेर हुआ है। कड़क धूप को अचानक मौसम में आई नरमी ने कम कर दिया। तेज हवा के झोंकों और बादलों की मौजूदगी के बीच दिन में भी बदली का मौसम हो गया था।
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इसके बाद दिन में धूप और सुबह-शाम एवं रात में सिहरन ने धीरे-धीरे बाक्स में जा रहे रजाई-गद्दे और लोगों के कपड़े को रोक दिया है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव से सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त और पेट से जुड़ी बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है।
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मंगलवार को अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में 562 पर्चियां कटीं, जबकि इमर्जेंसी में नागमलपुर निवासी सरोजा (35), पुरानी बाजार निवासी आनंद (28), भिदिउरा निवासी विद्यावती (70), चककुमार निवासी मीना (26), कटेबना निवासी किरन (28), थानीपुर निवासी प्रभाजीत (25), भुसौल निवासी श्यामला (65) समेत 20 मरीज भर्ती कराए गए। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में खान-पान और दिनचर्या का ध्यान रखने की सलाह दी है।
डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नियमित दिनचर्या और ताजे खान-पान का होना जरूरी है। पेट की समस्या ज्यादा बढ़े तो फौरी तौर पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।