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Bhadohi News: आठ बजे की ओपीडी, 9.25 बजे तक 19 में 18 डॉक्टर नहीं पहुंचे
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ज्ञानपुर। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेपटरी हो चुकी हैं। डॉक्टर से लेकर स्वास्थ्यकर्मी मन मुताबिक ड्यूटी कर रहे हैं। सोमवार को आठ बजे की ओपीडी में 9.25 बजे तक 19 चिकित्सकों में केवल एक चिकित्सक पहुंच सके थे। यहां तक की सीएमएस भी अस्पताल नहीं पहुंचे थे। मरीजों व तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जिले के सरकारी अस्पतालों में सुबह आठ बजे से दो बजे तक की ओपीडी का समय निर्धारित है। चिकित्सकों को हर हाल में सुबह आठ बजे तक ओपीडी में पहुंचना होता है। इस समय तेज धूप का असर बना हुआ है। इसके कारण बड़ी संख्या में मरीज सुबह ही अस्पताल पहुंच जा रहे हैं। ताकि समय से डॉक्टर को दिखाकर घर लौट सकें, लेकिन चिकित्सकों की मनमानी से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों को समय से ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिलते हैं। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को जिला अस्पताल की पड़ताल की। यहां व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई। टीम सुबह 9.07 बजे अस्पताल पहुंची। ओपीडी के प्रथम तल पर एक भी डॉक्टर नहीं दिखे। इस दौरान अस्पताल में 50 से 55 मरीज चिकित्सकों की ओपीडी के सामने नजर आए। वहीं, दूसरी मंजिल पर स्किन के डॉ. अजय मौर्य ओपीडी कक्ष में मिले। बाकी सभी ओपीडी कक्ष में चिकित्सकों की कुर्सी खाली दिखी। यहां तक की सीएमएस डॉ. अजय तिवारी भी नहीं दिखे। टीम ओपीडी भवन में करीब 9.25 बजे तक रही। यहां 19 डॉक्टर की तैनाती है। मरीज टकटकी लगाए ओपीडी के सामने कुर्सी पर बैठे रहे। अस्पताल में हर दिन 800 से 900 मरीजों की ओपीडी होती है।
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इनसेट:
9:25 बजे तक ये डॉक्टर नहीं पहुंचे अस्पताल
ज्ञानपुर। जिला अस्पताल में 19 डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन पड़ताल के दौरान मौके पर सिर्फ एक डॉक्टर मिले। मौके पर न मिलने वाले 18 डॉक्टरों में नेत्र सर्जन डॉ. पीके सिंह व डॉ. सुरेंद्र कुमार बिंद, सर्जन डॉ. धीरज प्रकाश, डॉ. हरिओम, डॉ. विनोद यादव, डेंटल के डॉ. अरविंद प्रताप यादव शामिल हैं। इनके अलावा डॉ. एसके शर्मा, डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. वर्तिका अग्रवाल, डॉ. मुज्जमिल, डॉ. नितिशा पांडेय, डॉ. आशुतोष सिंह भी शामिल हैं। इनके अलावा डॉ. निलिमा धवन, मो. आतिफ अंसारी आदि 9.25 बजे तक ओपीडी कक्ष में नहीं मिले।
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इनसेट:
छलका मरीजों का दर्द
हड्डी में दर्द बना रहता है, चलने फिरने में दिक्कत होती है। सुबह उठने के दौरान जोड़ों में बहुत दर्द करता है। सुबह 8.15 बजे से ही अस्पताल में हूं। अब तक डॉक्टर नहीं आए हैं। - मंगरू मौर्या (62), निवासी सुंदरपुर।
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कमर में दर्द है, साथ ही पैर में रह रह कर सूजन होने की समस्या है। हड्डी के डॉक्टर को दिखाने आया था। 8.30 बजे से अस्पताल में हूं, लेकिन एक भी डॉक्टर मौके पर नहीं मिले। - दयाशंकर (65) निवासी ज्ञानपुर।
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कुछ दिनों से पेट में दर्द बना रहता है। नीम हकीम से दवा ली, लेकिन आराम नहीं मिला। सोचा था अस्पताल सुबह चलकर जल्दी दवा ले लूंगा, इसलिए 8.45 बजे ही आ गया, लेकिन अब तक कोई चिकित्सक नहीं मिले। - सीमा (35) निवासी असईपुर।
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4 - बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है। पर्ची काटने के बाद प्रथम मंजिल पर दिखाने भेज दिया गया, करीब पौने घंटे से अस्पताल में हूूं, कोई डॉक्टर नहीं मिला। - इंद्रेश कुमार (32) निवासी शिवरामपुर।
वर्जन
ओपीडी में समय से उपस्थिति अनिवार्य है। अगर डॉक्टर नहीं थे तो सीएमएस से जवाब मांगा जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही।
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जिले के सरकारी अस्पतालों में सुबह आठ बजे से दो बजे तक की ओपीडी का समय निर्धारित है। चिकित्सकों को हर हाल में सुबह आठ बजे तक ओपीडी में पहुंचना होता है। इस समय तेज धूप का असर बना हुआ है। इसके कारण बड़ी संख्या में मरीज सुबह ही अस्पताल पहुंच जा रहे हैं। ताकि समय से डॉक्टर को दिखाकर घर लौट सकें, लेकिन चिकित्सकों की मनमानी से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों को समय से ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिलते हैं। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को जिला अस्पताल की पड़ताल की। यहां व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई। टीम सुबह 9.07 बजे अस्पताल पहुंची। ओपीडी के प्रथम तल पर एक भी डॉक्टर नहीं दिखे। इस दौरान अस्पताल में 50 से 55 मरीज चिकित्सकों की ओपीडी के सामने नजर आए। वहीं, दूसरी मंजिल पर स्किन के डॉ. अजय मौर्य ओपीडी कक्ष में मिले। बाकी सभी ओपीडी कक्ष में चिकित्सकों की कुर्सी खाली दिखी। यहां तक की सीएमएस डॉ. अजय तिवारी भी नहीं दिखे। टीम ओपीडी भवन में करीब 9.25 बजे तक रही। यहां 19 डॉक्टर की तैनाती है। मरीज टकटकी लगाए ओपीडी के सामने कुर्सी पर बैठे रहे। अस्पताल में हर दिन 800 से 900 मरीजों की ओपीडी होती है।
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9:25 बजे तक ये डॉक्टर नहीं पहुंचे अस्पताल
ज्ञानपुर। जिला अस्पताल में 19 डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन पड़ताल के दौरान मौके पर सिर्फ एक डॉक्टर मिले। मौके पर न मिलने वाले 18 डॉक्टरों में नेत्र सर्जन डॉ. पीके सिंह व डॉ. सुरेंद्र कुमार बिंद, सर्जन डॉ. धीरज प्रकाश, डॉ. हरिओम, डॉ. विनोद यादव, डेंटल के डॉ. अरविंद प्रताप यादव शामिल हैं। इनके अलावा डॉ. एसके शर्मा, डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. वर्तिका अग्रवाल, डॉ. मुज्जमिल, डॉ. नितिशा पांडेय, डॉ. आशुतोष सिंह भी शामिल हैं। इनके अलावा डॉ. निलिमा धवन, मो. आतिफ अंसारी आदि 9.25 बजे तक ओपीडी कक्ष में नहीं मिले।
इनसेट:
छलका मरीजों का दर्द
हड्डी में दर्द बना रहता है, चलने फिरने में दिक्कत होती है। सुबह उठने के दौरान जोड़ों में बहुत दर्द करता है। सुबह 8.15 बजे से ही अस्पताल में हूं। अब तक डॉक्टर नहीं आए हैं। - मंगरू मौर्या (62), निवासी सुंदरपुर।
कमर में दर्द है, साथ ही पैर में रह रह कर सूजन होने की समस्या है। हड्डी के डॉक्टर को दिखाने आया था। 8.30 बजे से अस्पताल में हूं, लेकिन एक भी डॉक्टर मौके पर नहीं मिले। - दयाशंकर (65) निवासी ज्ञानपुर।
कुछ दिनों से पेट में दर्द बना रहता है। नीम हकीम से दवा ली, लेकिन आराम नहीं मिला। सोचा था अस्पताल सुबह चलकर जल्दी दवा ले लूंगा, इसलिए 8.45 बजे ही आ गया, लेकिन अब तक कोई चिकित्सक नहीं मिले। - सीमा (35) निवासी असईपुर।
4 - बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है। पर्ची काटने के बाद प्रथम मंजिल पर दिखाने भेज दिया गया, करीब पौने घंटे से अस्पताल में हूूं, कोई डॉक्टर नहीं मिला। - इंद्रेश कुमार (32) निवासी शिवरामपुर।
वर्जन
ओपीडी में समय से उपस्थिति अनिवार्य है। अगर डॉक्टर नहीं थे तो सीएमएस से जवाब मांगा जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही।