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Bhadohi News: भारत टेक्स-2026 में सिर्फ 20 कालीन निर्यातक ही लगा रहे दांव
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भदोही में उत्पादित कालीनें
भदोही। 14 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली में भारत टेक्स-2026 का मंच सजेगा, लेकिन कालीन निर्यातक इस पर दांव नहीं लगा रहे हैं। बीते वर्षों में दो सौ कालीन निर्यातकों की भागीदारी वाले इस एक्सपो में इस वर्ष अब तक सिर्फ 20 कालीन निर्यातकों ने स्टाॅल बुक कराए हैं। शुरू में माना जा रहा था कि भारत टेक्स-2026 के नजदीक आने के साथ निर्यातकों की रुचि बढ़ेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
भारत टेक्स वैश्विक तौर पर विशाल फेयर होता है। इसमे देश विदेश के सैकड़ो की संख्या में क्रेता और विक्रेता हिस्सा लेते हैं। लेकिन मौजूदा समय में आम धाराणा यह है कि वैश्विक आर्थिक मंदी के चलते कालीन के खरीदार भारत टेक्स-2026 में कम ही आएंगे। इसी धारणों के चलते लोग भारत टेक्स पर दांव नहीं लगाना चाहते।
निर्यातकों का कहना था कि चूंकि नई दिल्ली में मार्च में होने वाला इंडिया कारपेट एक्सपो रद करना पड़ा था इसलिए विशुद्ध रूप से कालीनों पर आधारित इंडिया कारपेट एक्सपो जो आगामी 4 - 6 अक्तूबर को भदोही में होने जा रहा है लोग उस पर फोकस कर रहे हैं। कई निर्यातकों ने माना कि जब तक विश्व में तनाव जैसे हालात रहेंगे उससे अनिश्चितता बनी रहेगी। उधर भदोही के निर्यातकों का मानना है कि उनके लिए भदोही में इंडिया कारपेट एक्सपो होना तथा बिना किसी अतिरिक्त खर्च के इसमें भाग लेना उनके लिए बेहतर है। इसलिए लोग भारत टेक्स मे न जाकर कारपेट एक्सपो की तैयारियों में लगे हुए हैं।
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अमरीकी टैरिफ से लेकर वैश्विक अशांति के माहौल के बीच कालीन निर्यातकों को बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। सीईपीसी के काफी प्रयास के बाद केवल 20 निर्यातकों ने भारतटेक्स-2026 में पंजीकरण कराया। - पीयूष बरनवाल, प्रशासनिक सदस्य सीईपीसी
मेरा भारत टेक्स में भाग लेने का एक बार का अनुभव रहा है। उसके मुकाबले मैं शुद्ध रूप से कालीनों के लिए होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो को बेहतर समझता हूं। जिसकी तैयारी चल रही है। - एजाज अंसारी निर्यातक
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भारत टेक्स वैश्विक तौर पर विशाल फेयर होता है। इसमे देश विदेश के सैकड़ो की संख्या में क्रेता और विक्रेता हिस्सा लेते हैं। लेकिन मौजूदा समय में आम धाराणा यह है कि वैश्विक आर्थिक मंदी के चलते कालीन के खरीदार भारत टेक्स-2026 में कम ही आएंगे। इसी धारणों के चलते लोग भारत टेक्स पर दांव नहीं लगाना चाहते।
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निर्यातकों का कहना था कि चूंकि नई दिल्ली में मार्च में होने वाला इंडिया कारपेट एक्सपो रद करना पड़ा था इसलिए विशुद्ध रूप से कालीनों पर आधारित इंडिया कारपेट एक्सपो जो आगामी 4 - 6 अक्तूबर को भदोही में होने जा रहा है लोग उस पर फोकस कर रहे हैं। कई निर्यातकों ने माना कि जब तक विश्व में तनाव जैसे हालात रहेंगे उससे अनिश्चितता बनी रहेगी। उधर भदोही के निर्यातकों का मानना है कि उनके लिए भदोही में इंडिया कारपेट एक्सपो होना तथा बिना किसी अतिरिक्त खर्च के इसमें भाग लेना उनके लिए बेहतर है। इसलिए लोग भारत टेक्स मे न जाकर कारपेट एक्सपो की तैयारियों में लगे हुए हैं।
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अमरीकी टैरिफ से लेकर वैश्विक अशांति के माहौल के बीच कालीन निर्यातकों को बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। सीईपीसी के काफी प्रयास के बाद केवल 20 निर्यातकों ने भारतटेक्स-2026 में पंजीकरण कराया। - पीयूष बरनवाल, प्रशासनिक सदस्य सीईपीसी
मेरा भारत टेक्स में भाग लेने का एक बार का अनुभव रहा है। उसके मुकाबले मैं शुद्ध रूप से कालीनों के लिए होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो को बेहतर समझता हूं। जिसकी तैयारी चल रही है। - एजाज अंसारी निर्यातक