शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी सरकारी दफ्तरों में अफसर से लेकर कर्मचारी तक समय से कार्यालय नहीं पहुंच रहे। जिससे जन सुनवाई के लिए दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को परेशान होना पड़ रहा है। इस क्रम में बुधवार को ज्ञानपुर तहसील में अमर उजाला ने सुबह 10 बजकर पांच मिनट से 10.20 बजे तक पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। तहसील कार्यालय में एक पटल को छोड़कर न तो अधिकारी आए थे ना कर्मचारी अपने कक्ष में दिखे। दरअसल शासन का निर्देश हैं कि सुबह 10 से 12 बजे तक सभी अधिकारी अपने कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतों को सुनकर निस्तारण करेंगे। जन सुनवाई कार्यक्रम से लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के नाम पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से उदासीनता बरती जा रही है। बुधवार को सुबह 10.05 बजे एसडीएम साहब नहीं पहुंचे थे, हालांकि अंदर कक्ष में साफ-सफाई जरूर हो रही थी। 10.10 बजे तहसीलदार, राजस्व लिपिक कार्यालय, 10.15 बजे कानूनगो कार्यालय भी बंद मिला। 10.20 बजे नायब तहसीलदार का कक्ष भी बाहर से बंद दिखा। जिससे जमीन से जुड़े विवाद को लेकर दरवांसी गांव से आए रमाशंकर, नवधन के सिपाही लाल, बिछियां से रामकुमार करीब आधे घंटे तक इंतजार करते रहे। करीब 10 बजकर 40 मिनट के बाद कुछ अधिकारी कार्यालय पहुंचे, हालांकि इस दौरान आशुलिपिक कार्यालय में कर्मचारी अपने कार्यों को निपटाने में जुटे रहे। एसडीएम चंद्रशेखर ने कहा कि तबीयत खराब होने से मंगलवार को अवकाश पर था। आज थोड़ा विलंब से कार्यालय आया। अपर जिलाधिकरी शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि समय पर दफ्तर न पहुंचना ठीक नहीं है। अधिकारियों से बात कर समय से आने के लिए कहा जाएगा।