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Bhadohi News: कागजों पर ड्यूटी कर रहीं नर्स, 100 बेड पर नहीं मिली एक भी नर्स
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ज्ञानपुर। सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल की नर्स महज कागजों पर ड्यूटी कर कोरमपूर्ति कर रही है। ड्यूटी के प्रति बरती जा रही उदासीनता को लेकर अस्पताल प्रशासन भी बेखबर है। अस्पताल परिसर में बने बर्न यूनिट और डायलिसिस यूनिट में नियमित दो-दो नर्सों की ड्यूटी लगाई जाती है। सोमवार को अमर उजाला टीम ने डायलिसिस यूनिट की पड़ताल की। मौके पर 100 बेड पर एक भी नर्स यूनिट पर नहीं मिली।
जिले के मुख्यालय के पास स्थित सौ शय्या अस्पताल में अक्सर गड़बड़ियों की चर्चा रहती है। अस्पताल में धीरे-धीरे व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास हो रहा है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की उदासीनता के कारण यह फलीभूत नहीं हो पा रहा है। अमर उजाला की टीम सुबह 11.40 बजे डायलिसिस यूनिट पहुंची। टीम करीब 1.30 बजे तक रुकी रही। सुविधाओं को लेकर मरीजों व तीमारदारों से भी बातचीत की। इस दौरान नर्स गायब मिली। यूनिट में कुल 11 स्वास्थ्यकर्मी तैनात मिले। नर्सों को लेकर पूछताछ करने पर सामने आया कि वे सिर्फ महीने में एक दिन मरीज का डाटा कलेक्ट करने आती है, क्योंकि यह डाटा स्वास्थ्य समिति और मिर्जापुर मंडलीय बैठक में अस्पताल प्रशासन को बतानी रहती है। यूनिट के मैनेजर अमित राव और टेक्नीशियन विनय सरोज ने बताया कि यूनिट में कुल 82 मरीजों का डायलिसिस चल रहा है। सुबह सात बजे यूनिट खुल जाता है। रात को 10 बजे बंद होता है। दो शिफ्ट में कर्मचारी काम करते हैं। पहली शिफ्ट सुबह 7 से 3 बजे और दूसरी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक होती है।
बर्न यूनिट में ताला, ड्यूटी में लापरवाही : ज्ञानपुर। बर्न यूनिट का संचालन तो जैसे-तैसे किया जा रहा है। यहां दो शिफ्ट में चार नर्स की ड्यूटी लगाई जाती है। नर्स यहां से गायब रहती है। उनका मानना है कि बर्न केस आने के बाद हम मौके पर तुरंत पहुंच जाते हैं। वहीं दूसरी ओर यूनिट पर बर्न के केस जल्द आते ही नहीं है। अमूमन लोग जिला अस्पताल का रुख करते हैं।
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अस्पताल में धीरे-धीरे व्यवस्थाओं का विस्तार हो रहा है। सभी नर्सों की रोस्टर वाइज ड्यूटी विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग दिन में लगाया जाता है, यदि इसमें किसी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, तो सख्त कार्रवाही की जाएगी।-- डॉ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस 100 बेड।
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जिले के मुख्यालय के पास स्थित सौ शय्या अस्पताल में अक्सर गड़बड़ियों की चर्चा रहती है। अस्पताल में धीरे-धीरे व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास हो रहा है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की उदासीनता के कारण यह फलीभूत नहीं हो पा रहा है। अमर उजाला की टीम सुबह 11.40 बजे डायलिसिस यूनिट पहुंची। टीम करीब 1.30 बजे तक रुकी रही। सुविधाओं को लेकर मरीजों व तीमारदारों से भी बातचीत की। इस दौरान नर्स गायब मिली। यूनिट में कुल 11 स्वास्थ्यकर्मी तैनात मिले। नर्सों को लेकर पूछताछ करने पर सामने आया कि वे सिर्फ महीने में एक दिन मरीज का डाटा कलेक्ट करने आती है, क्योंकि यह डाटा स्वास्थ्य समिति और मिर्जापुर मंडलीय बैठक में अस्पताल प्रशासन को बतानी रहती है। यूनिट के मैनेजर अमित राव और टेक्नीशियन विनय सरोज ने बताया कि यूनिट में कुल 82 मरीजों का डायलिसिस चल रहा है। सुबह सात बजे यूनिट खुल जाता है। रात को 10 बजे बंद होता है। दो शिफ्ट में कर्मचारी काम करते हैं। पहली शिफ्ट सुबह 7 से 3 बजे और दूसरी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक होती है।
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बर्न यूनिट में ताला, ड्यूटी में लापरवाही : ज्ञानपुर। बर्न यूनिट का संचालन तो जैसे-तैसे किया जा रहा है। यहां दो शिफ्ट में चार नर्स की ड्यूटी लगाई जाती है। नर्स यहां से गायब रहती है। उनका मानना है कि बर्न केस आने के बाद हम मौके पर तुरंत पहुंच जाते हैं। वहीं दूसरी ओर यूनिट पर बर्न के केस जल्द आते ही नहीं है। अमूमन लोग जिला अस्पताल का रुख करते हैं।
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अस्पताल में धीरे-धीरे व्यवस्थाओं का विस्तार हो रहा है। सभी नर्सों की रोस्टर वाइज ड्यूटी विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग दिन में लगाया जाता है, यदि इसमें किसी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, तो सख्त कार्रवाही की जाएगी।