{"_id":"6362b2f99790fe1bd10fe64c","slug":"now-not-three-21-types-of-disabled-will-get-convenience-bhadohi-news-vns6817436134","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तीन नहीं, 21 तरह के दिव्यांगों को मिलेगी सहूलियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तीन नहीं, 21 तरह के दिव्यांगों को मिलेगी सहूलियत
विज्ञापन
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। बोर्ड ने परीक्षा के दौरान दिव्यांगों को सहूलियत देने की योजना तैयार की है। इस वर्ष की परीक्षा में बोर्ड तीन तरह के नहीं, बल्कि 21 तरह के दिव्यांगों को सहूलियत देगा। बोर्ड दिव्यांग परीक्षार्थियों को लेखक दिए जाने के साथ ही अतिरिक्त समय भी देगा।
बोर्ड परीक्षा में अब तक चलने में अक्षम, दृष्टिबाधित एवं मूक बधिर को लेखक दिए जाने के साथ अतिरिक्त समय दिया जाता था, लेकिन वर्ष 2023 की बोर्ड परीक्षा में दिव्यांग की श्रेणी बढ़ाकर 21 कर दी गई है। इससे दिव्यांगों को परीक्षा में सहूलियत मिलेगी। दिव्यांगों के चिन्हांकन के लिए बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों में लगभग 15 मिनट का वीडियो क्लिप भेजा गया है। जिससे पता चल सके कि किस तरह के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में सहूलियत दिया जाना है।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षा में दिव्यांगों की श्रेणी विस्तारित कर दी गई है। अब 21 तरह के दिव्यांगों को परीक्षा में सहूलियत मिलेगी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान ही विद्यार्थियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र अपलोड करना होता है। इसी आधार पर उनका सेंटर निर्धारित किया जाता है।
विज्ञापन
इस तरह निर्धारित है दिव्यांगों की श्रेणी
1. दृष्टि बाधित, 2. कम दृष्टि, 23. कुष्ठ रोग से ठीक हुए बच्चे, 4. श्रवण दोष, 5. लोको मोटर ( एक जगह से दूसरी जगह जाने में कठिनाई), 6. बौनापन, 7. बौद्धिक अक्षमता, 8. मानसिक बीमारी या विकार, 9. आत्म केंद्रित स्पेक्ट्रम विकार यानी न्यूरोलाजिकल व विकासात्मक विकार, 10. सेरेब्रल पाल्सी, 11. मस्कुलर डिस्ट्राफी ( मांसपेशी की कमजोरी), 12. पुरानी न्यूरोलाजिकल स्थितियां, 13. विशिष्ट सीखने की अक्षमता, 14. मल्टीपल स्क्लोरोसिस, 15. भाषण और भाषा विकलांगता, 16. थैलेसीमिया (रक्त विकार), 17. हीमोफीलिया, 18. सिकल सेल रोग (रक्त विकारों का समूह), 19. बधिर सहित बहु दिव्यांगता, 20. एसिड अटैक पीड़ित, 21. पार्किंसंस रोग।
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षा में अब तक चलने में अक्षम, दृष्टिबाधित एवं मूक बधिर को लेखक दिए जाने के साथ अतिरिक्त समय दिया जाता था, लेकिन वर्ष 2023 की बोर्ड परीक्षा में दिव्यांग की श्रेणी बढ़ाकर 21 कर दी गई है। इससे दिव्यांगों को परीक्षा में सहूलियत मिलेगी। दिव्यांगों के चिन्हांकन के लिए बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों में लगभग 15 मिनट का वीडियो क्लिप भेजा गया है। जिससे पता चल सके कि किस तरह के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में सहूलियत दिया जाना है।
विज्ञापन
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षा में दिव्यांगों की श्रेणी विस्तारित कर दी गई है। अब 21 तरह के दिव्यांगों को परीक्षा में सहूलियत मिलेगी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान ही विद्यार्थियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र अपलोड करना होता है। इसी आधार पर उनका सेंटर निर्धारित किया जाता है।
विज्ञापन
इस तरह निर्धारित है दिव्यांगों की श्रेणी
1. दृष्टि बाधित, 2. कम दृष्टि, 23. कुष्ठ रोग से ठीक हुए बच्चे, 4. श्रवण दोष, 5. लोको मोटर ( एक जगह से दूसरी जगह जाने में कठिनाई), 6. बौनापन, 7. बौद्धिक अक्षमता, 8. मानसिक बीमारी या विकार, 9. आत्म केंद्रित स्पेक्ट्रम विकार यानी न्यूरोलाजिकल व विकासात्मक विकार, 10. सेरेब्रल पाल्सी, 11. मस्कुलर डिस्ट्राफी ( मांसपेशी की कमजोरी), 12. पुरानी न्यूरोलाजिकल स्थितियां, 13. विशिष्ट सीखने की अक्षमता, 14. मल्टीपल स्क्लोरोसिस, 15. भाषण और भाषा विकलांगता, 16. थैलेसीमिया (रक्त विकार), 17. हीमोफीलिया, 18. सिकल सेल रोग (रक्त विकारों का समूह), 19. बधिर सहित बहु दिव्यांगता, 20. एसिड अटैक पीड़ित, 21. पार्किंसंस रोग।