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Bhadohi News: अब 14 पंचायत सहायकों ने दिया इस्तीफा, चरमराई व्यवस्था
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ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों की निगरानी एवं संचालन के लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति तो हो गई, लेकिन कम मानदेय और काम के बोझ से सहायकों को नौकरी से मोह भंग होने लगा है। अप्रैल से लेकर अब तक 90 पंचायत सहायकों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। अप्रैल-मई में 76 ने जहां नौकरी छोड़ी थी। वहीं जून में 14 ने त्याग पत्र दे दिया। इससे गांव में बने पंचायत भवनों में कामकाज प्रभावित होने लगा है।
ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने के लिए शासन ने चार साल पूर्व हर गांव में लाखों रुपये खर्च कर पंचायत भवन का निर्माण कराया। ग्रामीणों को गांव में ही सभी सुविधाएं मिले, इसलिए पंचायत भवन को कामन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। 2022 में इसके लिए हर गांव में पंचायत सहायकों की नियुक्ति की गई। जिले की 546 ग्राम पंचायतों में करीब 540 में पंचायत सहायक नियुक्त हुए। पांच से छह हजार के अल्प मानदेय, सचिव, ग्राम प्रधान, ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की डांट-फटकार और 10 से 12 घंटे की ड्यूटी से धीरे-धीरे सहायकों का मोह नौकरी से भंग होने लगा। 2023 में जहां 50 ने नौकरी छोड़ी। वहीं 2024 में यह संख्या 90 तक पहुंच गई। लोस चुनाव के बाद प्रशासन ने 76 पंचायत सहायकों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया, लेकिन उसी दौरान 14 अन्य के नौकरी छोड़ने से उसके भी चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक साथ 90 गांव में सहायकों के पद रिक्त होने से कामकाज प्रभावित होने लगा है। रिक्त सीटों में ज्ञानपुर ब्लॉक में 15, अभोली में 10, औराई में 23, भदोही ब्लॉक में 11, डीघ में 18 और सुरियावां में 11 शामिल हैं।
पंचायत सहायकों का मानदेय काफी कम है, हालांकि सीएससी से उसकी भरपाई होगी। दूसरे स्थानों पर नौकरी मिलने के कारण अधिकतर सहायक इस्तीफा देते हैं। उनके न रहने से काम प्रभावित होता है। सभी 90 ग्राम पंचायतों में नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।- संजय मिश्रा, डीपीआरओ।
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ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने के लिए शासन ने चार साल पूर्व हर गांव में लाखों रुपये खर्च कर पंचायत भवन का निर्माण कराया। ग्रामीणों को गांव में ही सभी सुविधाएं मिले, इसलिए पंचायत भवन को कामन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। 2022 में इसके लिए हर गांव में पंचायत सहायकों की नियुक्ति की गई। जिले की 546 ग्राम पंचायतों में करीब 540 में पंचायत सहायक नियुक्त हुए। पांच से छह हजार के अल्प मानदेय, सचिव, ग्राम प्रधान, ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की डांट-फटकार और 10 से 12 घंटे की ड्यूटी से धीरे-धीरे सहायकों का मोह नौकरी से भंग होने लगा। 2023 में जहां 50 ने नौकरी छोड़ी। वहीं 2024 में यह संख्या 90 तक पहुंच गई। लोस चुनाव के बाद प्रशासन ने 76 पंचायत सहायकों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया, लेकिन उसी दौरान 14 अन्य के नौकरी छोड़ने से उसके भी चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक साथ 90 गांव में सहायकों के पद रिक्त होने से कामकाज प्रभावित होने लगा है। रिक्त सीटों में ज्ञानपुर ब्लॉक में 15, अभोली में 10, औराई में 23, भदोही ब्लॉक में 11, डीघ में 18 और सुरियावां में 11 शामिल हैं।
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पंचायत सहायकों का मानदेय काफी कम है, हालांकि सीएससी से उसकी भरपाई होगी। दूसरे स्थानों पर नौकरी मिलने के कारण अधिकतर सहायक इस्तीफा देते हैं। उनके न रहने से काम प्रभावित होता है। सभी 90 ग्राम पंचायतों में नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।- संजय मिश्रा, डीपीआरओ।
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