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Bhadohi News: पांच करोड़ से बने मुक्तिधाम में 10 साल में एक भी शवदाह नहीं

Fri, 02 May 2025 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 02 May 2025 12:21 AM IST
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Not a single cremation took place in the Muktidham built with five crores in 10 years
ज्ञानपुर/वहिदानगर। गंगा को निर्मल एवं स्वच्छ बनाने की मुहिम कालीन नगरी में धरातल पर फेल हो गई है। गंगा के पास के 21 ग्राम पंचायतों में पांच करोड़ की लागत से बनाए गए मुक्तिधाम में 10 साल में एक भी अंतिम संस्कार नहीं हुए।
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लाखों खर्च के बाद भी गंगा तट से दूरी अधिक होने से यह शवदाह गृह अनुपयोगी हो गए हैं। जरूरी सुविधाएं न होने से शव लेकर आने वाले लोग उक्त स्थल पर रूकते ही नहीं। केंद्र की सत्ता में साल 2014 में भाजपा की सरकार बनी। उसके बाद नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को निर्मल बनाने की मुहिम शुरू की गई।
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गंगा के किनारे शवदाह रोकने के लिए उससे सटी ग्राम पंचायतों में शवदाह गृह यानी मुक्ति धाम बनाने की योजना शुरू हुई। 2015-16 में गोपालापुर कलिंजरा, सेमराध, सीतामढ़ी, मवैया थान सिंह, दुगुना, खेमापुर समेत 21 ग्राम पंचायतों में इसका निर्माण शुरू हुआ। कुछ महीने में निर्माण कार्य पूर्ण हो गया। एक-एक मुक्ति धाम के निर्माण पर करीब-करीब 20 से 24 लाख रुपये खर्च हो गए।
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निर्माण के समय प्रधान, सचिव से लेकर विभागीय अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। जिससे गंगा तट से यह 500 मीटर से अधिक दूरी पर बना दी गई। निर्माण के बाद बिजली, पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं हो पाई। इससे शव लेकर आने वाले लोग मुक्तिधाम यानी शवदाह गृह स्थल पर रुकने की बजाए गंगा के किनारे ही शव दाह कर रहे हैं।
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