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Bhadohi News: न नक्शा, न ले आउट, जहां चाहा बना दी कॉलोनी
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ज्ञानपुर। कालीन नगरी में बिल्डर और प्रापर्टी डीलर बिना नक्शा और ले आउट पास कराए ही कालोनी काट रहे हैं। बीडा, विनियमित क्षेत्र और जिला पंचायत की उदासीनता कहें या मिलीभगत, लेकिन हर महीने लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं।
महानगरों के तर्ज पर इन दिनों जिले में भी अवैध कालोनाइजरों की बाढ़ आ गई है। हद तो तब हो जाती है, जब बगैर नगरीय प्रशासन के अनुमति नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में अवैध कालीन तैयार की जा रही है। यह कारोबार गोपीगंज और ज्ञानपुर क्षेत्र में जड़ें जमा चुकी हैं। यही नहीं ज्ञानपुर में तो विकास भवन की भूमि पर प्लाटिंग कर दिया जा रहा है। भदोही औद्यौगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भी कालोनाइजर मनमानी तरीके से भूमि प्लाटिंग कर कालोनी तैयार कर रहे हैं। नियमानुसार पंजीकृत संस्था द्वारा भूमि की प्लाटिंग की जाती है। संस्था द्वारा भारत सरकार को आयकर अदा करने के साथ ही साथ स्टांप ड्यूटी भी देनी पड़ती है। नियम कानून को धता बता ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही आदि क्षेत्रों में कथित कालोनाइजर बड़े पैमाने पर कारोबार करने लगे हैं। भदोही के हरियावं, कुशियरा, रजपुरा बाइपास, जयरामपुर, ज्ञानपुर के वेदपुर, भिदिउरा, भुड़की सहित गोपीगंज के कुछ क्षेत्रों में यह जाल तेजी से फैल रहा है। कार्रवाई के नाम पर नोटिस भेजी जाती है, लेकिन तालमेल ठीक होने पर सबकुछ पहले जैसे फिर से शुरू हो जाता है।
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इनसेट
एक एकड़ में लाखों का नुकसान
ज्ञानपुर। अवैध कालोनियों से बीडा, जिला पंचायत और विनियमित विभाग को भी राजस्व की मोटी चपत लगती है। जानकारों के मुताबिक एक एकड़ जमीन पर आवासीय कालोनी का ले आउट पास कराने पर करीब 50 लाख की धनराशि खर्च होती है, लेकिन बिल्डर आउट पास न कराकर इस पूरी धनराशि को बचा लेते हैं। यही नहीं एग्रीमेंट का खेल भी तेजी से चल रहा है। जिससे भी सरकारी राजस्व को काफी नुकसान होता है।
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इनसेट
सरकारी जमीनों पर भी प्लाटिंग
ज्ञानपुर। प्राधिकरण से कालोनी का ले आउट पास कराने के लिए तहसील की एनओसी लेना अनिवार्य होता है, लेकिन कुछ लोग राजस्व विभाग की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर ही कालोनी काटकर प्लाटिंग कर रहे हैं। इसी के चलते यह ले आउट पास नहीं कराते हैं। इन्हें पता है कि सरकारी जमीन पर ले आउट जारी कराना संभव ही नहीं है। ऐसे में यह ऐसे ही प्लाट काटते रहते हैं।
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इनसेट
वर्जन
भदोही नगर का काफी दायरा बीडा के क्षेत्र में आ चुका है। ग्रामीण क्षेत्र में कालोनी बनाने पर सख्ती की जाती है। जल्द ही सर्वे कराकर कार्रवाई की जाएगी।- सुरेश कुमार वर्मा, अपर अधिकारी जिला पंचायत
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अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नोटिस भेजी गई है। एक का मामला न्यायालय में लंबित है। जल्द ही जांच कर विधिक कार्रवाई होगी। आरडी भारतीय, अधिशासी अभियंता बीडा।
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महानगरों के तर्ज पर इन दिनों जिले में भी अवैध कालोनाइजरों की बाढ़ आ गई है। हद तो तब हो जाती है, जब बगैर नगरीय प्रशासन के अनुमति नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में अवैध कालीन तैयार की जा रही है। यह कारोबार गोपीगंज और ज्ञानपुर क्षेत्र में जड़ें जमा चुकी हैं। यही नहीं ज्ञानपुर में तो विकास भवन की भूमि पर प्लाटिंग कर दिया जा रहा है। भदोही औद्यौगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भी कालोनाइजर मनमानी तरीके से भूमि प्लाटिंग कर कालोनी तैयार कर रहे हैं। नियमानुसार पंजीकृत संस्था द्वारा भूमि की प्लाटिंग की जाती है। संस्था द्वारा भारत सरकार को आयकर अदा करने के साथ ही साथ स्टांप ड्यूटी भी देनी पड़ती है। नियम कानून को धता बता ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही आदि क्षेत्रों में कथित कालोनाइजर बड़े पैमाने पर कारोबार करने लगे हैं। भदोही के हरियावं, कुशियरा, रजपुरा बाइपास, जयरामपुर, ज्ञानपुर के वेदपुर, भिदिउरा, भुड़की सहित गोपीगंज के कुछ क्षेत्रों में यह जाल तेजी से फैल रहा है। कार्रवाई के नाम पर नोटिस भेजी जाती है, लेकिन तालमेल ठीक होने पर सबकुछ पहले जैसे फिर से शुरू हो जाता है।
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एक एकड़ में लाखों का नुकसान
ज्ञानपुर। अवैध कालोनियों से बीडा, जिला पंचायत और विनियमित विभाग को भी राजस्व की मोटी चपत लगती है। जानकारों के मुताबिक एक एकड़ जमीन पर आवासीय कालोनी का ले आउट पास कराने पर करीब 50 लाख की धनराशि खर्च होती है, लेकिन बिल्डर आउट पास न कराकर इस पूरी धनराशि को बचा लेते हैं। यही नहीं एग्रीमेंट का खेल भी तेजी से चल रहा है। जिससे भी सरकारी राजस्व को काफी नुकसान होता है।
इनसेट
सरकारी जमीनों पर भी प्लाटिंग
ज्ञानपुर। प्राधिकरण से कालोनी का ले आउट पास कराने के लिए तहसील की एनओसी लेना अनिवार्य होता है, लेकिन कुछ लोग राजस्व विभाग की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर ही कालोनी काटकर प्लाटिंग कर रहे हैं। इसी के चलते यह ले आउट पास नहीं कराते हैं। इन्हें पता है कि सरकारी जमीन पर ले आउट जारी कराना संभव ही नहीं है। ऐसे में यह ऐसे ही प्लाट काटते रहते हैं।
इनसेट
वर्जन
भदोही नगर का काफी दायरा बीडा के क्षेत्र में आ चुका है। ग्रामीण क्षेत्र में कालोनी बनाने पर सख्ती की जाती है। जल्द ही सर्वे कराकर कार्रवाई की जाएगी।- सुरेश कुमार वर्मा, अपर अधिकारी जिला पंचायत
अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नोटिस भेजी गई है। एक का मामला न्यायालय में लंबित है। जल्द ही जांच कर विधिक कार्रवाई होगी। आरडी भारतीय, अधिशासी अभियंता बीडा।