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हाइवे पर नालीनुमा सड़क, मुश्किल में सफर
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ज्ञानपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की उदासीनता राहगीरों की मुश्किल बढ़ा दी है। हाइवे पर बाइक और साइकिल से सफर करना मुश्किल भरा हो गया है। नालीनुमा सड़क के गड्ढो में आए दिन गिरकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। गोपीगंज और जंगीगंज के आसपास पखवारे भर में दुर्घटनाएं बढ़ गई है।
प्रयागराज से वाराणसी तक हाइवे को सिक्सलेन बनाने का काम चल रहा है। जिले के ऊंज से लेकर बाबूसराय सीमा तक करीब 45 किमी में हाइवे आता है। हाइवे की मजबूती के लिए सड़क पर नया लेपन किया जा रहा है। इसके लिए सड़क को मशीन से खुरचकर उसका निर्माण हो रहा है लेकिन इसके लिए सावधानी संकेतक की व्यवस्था नहीं की गई है। सड़क पर वाहनों के आवागमन की व्यवस्था न होने से आए दिन नालीनुमा हाइवे में फिसलकर बाइक और साइकिल सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। गोपीगंज नगर के पड़ाव, मिर्जापुर तिराहा, माधोरामपुर, लालानगर, घोसिया, महराजगंज, जंगीगंज, सूफीनगर में सड़कों पर नाली बनने से सफर करना टेढ़ीखीर साबित हो रहा है। बाइक सवार जरा सा चूकते हैं तो सीधे अस्पताल पहुंच जाते हैं। सबसे अधिक दुर्घटना के शिकार बाइक सवार होते हैं। किसी का पैर टूट जा रहा है तो कोई कोमा में चला जा रहा है। इससे आम आदमी को एक तरफ जहां आर्थिक चपत लग रही है तो दूसरी तरफ वह मानसिक रूप से परेशान हो रहा है।
15 दिनों में 22 लोग पहुंचे अस्पताल
ज्ञानपुर। हाइवे पर नालीनुमा सड़क से मात्र 15 दिनों में 22 लोग अस्पताल पहुंच गए। दरवांसी निवासी सर्फराज आलम ब़ृहस्पतिवार की शाम बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका उपचार प्रयागराज के एक अस्पताल में हो रहा है। परिवार वालों की माने तो एक लाख से अधिक खर्च हो चुका है। आगे भी काफी खर्चा होना तय है। इसी तरह फिरोज आलम,
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राजकुमार, भूपेंद्र समेत अन्य लोग घायल हो चुके हैं।
हाइवे की मजबूती के लिए सड़कों को खुरचा जाता है। जिससे गिट्टी की पकड़ बेहतर ढंग से हो सके। जब तक काम पूरा नहीं हो जाता तब तक बाइक सवार सर्विसलेन का प्रयोग करें।
अश्वनी कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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प्रयागराज से वाराणसी तक हाइवे को सिक्सलेन बनाने का काम चल रहा है। जिले के ऊंज से लेकर बाबूसराय सीमा तक करीब 45 किमी में हाइवे आता है। हाइवे की मजबूती के लिए सड़क पर नया लेपन किया जा रहा है। इसके लिए सड़क को मशीन से खुरचकर उसका निर्माण हो रहा है लेकिन इसके लिए सावधानी संकेतक की व्यवस्था नहीं की गई है। सड़क पर वाहनों के आवागमन की व्यवस्था न होने से आए दिन नालीनुमा हाइवे में फिसलकर बाइक और साइकिल सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। गोपीगंज नगर के पड़ाव, मिर्जापुर तिराहा, माधोरामपुर, लालानगर, घोसिया, महराजगंज, जंगीगंज, सूफीनगर में सड़कों पर नाली बनने से सफर करना टेढ़ीखीर साबित हो रहा है। बाइक सवार जरा सा चूकते हैं तो सीधे अस्पताल पहुंच जाते हैं। सबसे अधिक दुर्घटना के शिकार बाइक सवार होते हैं। किसी का पैर टूट जा रहा है तो कोई कोमा में चला जा रहा है। इससे आम आदमी को एक तरफ जहां आर्थिक चपत लग रही है तो दूसरी तरफ वह मानसिक रूप से परेशान हो रहा है।
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15 दिनों में 22 लोग पहुंचे अस्पताल
ज्ञानपुर। हाइवे पर नालीनुमा सड़क से मात्र 15 दिनों में 22 लोग अस्पताल पहुंच गए। दरवांसी निवासी सर्फराज आलम ब़ृहस्पतिवार की शाम बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका उपचार प्रयागराज के एक अस्पताल में हो रहा है। परिवार वालों की माने तो एक लाख से अधिक खर्च हो चुका है। आगे भी काफी खर्चा होना तय है। इसी तरह फिरोज आलम,
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राजकुमार, भूपेंद्र समेत अन्य लोग घायल हो चुके हैं।
हाइवे की मजबूती के लिए सड़कों को खुरचा जाता है। जिससे गिट्टी की पकड़ बेहतर ढंग से हो सके। जब तक काम पूरा नहीं हो जाता तब तक बाइक सवार सर्विसलेन का प्रयोग करें।
अश्वनी कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई