फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   More than half of the population commits suicide

Bhadohi News: आत्महत्या करने वालों में आधा से ज्यादा आधी आबादी

Wed, 03 Dec 2025 01:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Dec 2025 01:29 AM IST
विज्ञापन
More than half of the population commits suicide
ज्ञानपुर। जिले में इस साल कुल 52 लोगों ने आत्महत्या की है। इसमें लगभग 60 फीसदी यानी कि 31 महिलाएं हैं। किसी ने फंदे से झूलकर तो किसी ने ट्रेन के आगे कूदकर इहलीला समाप्त कर ली। मनोचिकित्सकों की मानें तो महिलाएं मानसिक रूप से पुरुषों से ज्यादा मजबूत होती हैं लेकिन पारिवारिक चिंता व तनाव महिलाओं को अवसाद की ओर धकेल रहा है। इन दिनों जिला अस्पताल के मानसिक विभाग की ओपीडी में भी महिलाएं ज्यादा पहुंच रही हैं। लोगों के जीवन में भागदौड़ बढ़ती जा रही है। परिवार, समाज और कॅरिअर की चिंता के बीच लोग अवसाद से घिरते जा रहे हैं। इसके अलावा खानपान और अनियमित दिनचर्या भी लोगों को अवसाद की ओर धकेल रही है। जिले में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। खासकर महिलाओं के सुसाइड के बढ़ते मामले चिंता का विषय बन रहे हैं। इस साल जनवरी से लेकर अब तक कुल 52 लोगों ने अलग-अलग कारणों से अपनी इहलीला समाप्त की। इनमें महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। लगभग 60 फीसदी महिलाएं परिवार और बच्चों की चिंता के बीच जी रहीं हैं। महिलाओं में आत्महत्या के सबसे अधिक मामलों में पारिवारिक तनाव ही सामने आता है। इस साल अलग-अलग तरीके से कुल 31 महिलाओं ने खुदकुशी की। इनमें अधिकतर के पीछे पारिवारिक कारण रहे। महिलाओं में बढ़ता तनाव और अवसाद परिजनों के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। वहीं जीवन में एकाकीपन के कारण भी महिलाएं आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रही हैं। जिला अस्पताल के मानसिक विभाग की ओपीडी में भी ज्यादातर महिलाएं पहुंच रहीं हैं। मानसिक विभाग के वरिष्ठ परामर्शदाता की मानें तो इन दिनों हर दिन 55 से 60 लोगों की ओपीडी हो रही है। इसमें हर दिन 30 से अधिक महिलाएं होती हैं। बताया कि महिलाओं में अधिकतर पारिवारिक चिंता ही देखी जाती है। कई बार वे एकाकीपन और आर्थिक समस्याओं के कारण भी अवसाद में होती हैं। बातचीत करने पर अवसाद का पता चलने के बाद उनकी काउंसिलिंग की जाती है। बीते 19 नवंबर को सुरियावां कोतवाली क्षेत्र के पलरवारपुर गांव में एमए की छात्रा ने मां की डांट से क्षुब्ध होकर फंदे से लटककर जान दे दी। पांच नवंबर को ही परिजनों से नाराज महिला ने भदोही स्टेशन के पास ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। इसी साल पांच मई को औराई कोतवाली के मछदवां गांव में एक महिला ने फंदे पर लटककर जान दे दी। वह घर पर अकेली थी और अवसाद में थी। 10 नवंबर को सुरियावां के नेहरूनगर में पति के फोन पर बात करने से नाराज महिला ने फंदा लगाकर खुदकुशी की। वरिष्ठ परामर्शदाता अशोक पराशर का कहना है कि कई बार लोग अवसाद में होते हैं लेकिन पता नहीं चल पाता। उनकी दैनिक दिनचर्या, बात व्यवहार और काम करने के तरीके में अगर थोड़ा भी बदलाव दिखे तो तत्काल मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। बताया कि एकाकीपन और पारिवारिक चिंता ही महिलाओं में अवसाद का सबसे बड़ा कारण होता है। ओपीडी में आने वाली महिलाओं में भी इस तरह की समस्या होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed