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मोंथा का प्रभाव : 24 घंटे में 10 मिमी हुई बारिश

Fri, 31 Oct 2025 12:40 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Oct 2025 12:40 AM IST
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Montha's impact: 10 mm of rain in 24 hours
बंगाल की खाड़ी में उठे मोंथा चक्रवात का असर जिले में भी देखने को मिल रहा है। जिले में बुधवार की रात से रुक-रुककर हो रही बारिश बृहस्पतिवार को भी जा रही।
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माैसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। माैसम विशेषज्ञा ने बारिश से 20 फीसदी फसल प्रभावित होने की आशंका जताई है। चौथे दिन भी सूर्य बादलों में ही छिपे रहे।
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तेज हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है। खेतों में पककर खड़ी धान की फसल गिर गई है। बारिश के कारण खेतों में काटकर छोड़ी गई धान की फसल भींग गई। शहर से लेकर गांव तक सड़कों पर कीचड़ फैल गया है। मोंथा चक्रवात के कारण बुधवार शाम को शुरु हुई रिमझिम बारिश बृहस्पतिवार शाम तक जा रही। बारिश के कारण किसान चिंतित है। कई जगहों पर धान की बालियां मिट्टी में लग गई हैं।
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विशेषज्ञों का कहना कि यदि यह स्थिति दो-तीन दिन और बनी रही तो धान की फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। बारिश से तापमान में मात्र एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है।
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिन का तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया जबकि रात का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा। उन्होंने शुक्रवार को भी बूंदाबांदी की संभावना जताई है।
जिला प्रशासन से किया मुआवजे की मांग : डीघ ब्लाॅक के किसान कल्लू मिश्रा, दीनानाथ तिवारी, सुरेश मिश्रा और रामराज यादव ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मुआवजे की मांग की है। कहा फसलें खराब होती हैं तो किसानों को उचित क्षतिपूर्ति और मुआवजा प्रदान किया जाए।
खाद, बीज और डीजल की महंगाई से लागत बढ़ चुकी है, ऐसे में फसल खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी।
धान की खेत में लगा बारिश की पानी, पैदावार प्रभावित : कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ.आरपी चौधरी ने बताया बुधवार की रात और बृहस्पतिवार की सुबह रूक रूक कर हुई बारिश धान की फसल के लिए नुकसान दायक है।

हवा और बारिश धान की फसल खेत में गिर गईं। 20 फीसदी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। जिले में 47 हजार हेक्टेयर में धान की खेती हुईं है। अगैती धान की फसल तैयार है।
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