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बारिश से पारा लुढ़का, बढ़ी गलन

Wed, 16 Dec 2020 04:53 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2020 04:53 PM IST
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Mercury fell due to rain, melting increased
बारिश से भीमपुर-प्रयागदासपुर मार्ग पर जलजमाव। - फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। दो दिनों से मौसम के बदले मिजाज ने आमलोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। मंगलवार की रात करीब एक घंटे की बारिश से न्यूनतम और अधिकतम पारा लुढ़क गया। इससे गलन में इजाफा होने से लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। जल निकासी की व्यवस्था न होने से कई सड़कों पर पानी भर गया। ठंड बढ़ने के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कहीं भी अलाव नहीं जलाए गए। आसमान में बादल छाए रहने से लगातार दूसरे दिन भगवान सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए।
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पूर्व के वर्षों में दिसंबर के शुरूआती दिनों से कड़ाके की ठंड शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार पहले पखवारे में सामान्य से अधिक तापमान रहा। मंगलवार की सुबह आसमान में बादलों संग हल्की बूंदाबांदी हुई तो देर रात एक से डेढ़ घंटे रूक-रूककर बारिश हुई। बुधवार सुबह भी हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश से अधिकतम तापमान लुढ़ककर 20 डिग्री जबकि न्यूनतम एक डिग्री कम होकर नौ तक पहुंच गया। बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। कच्ची सड़कों पर कीचड़ होने से वह चलने लायक नहीं रही। पहली सिंचाई का इंतजार कर रहे किसानों को यह बारिश राहत देने वाली रही। ठंड शुरू होने के बाद भी अभी प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। नागरिक खुद अलाव जलाकर ठंड को दूर करते रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने कहा कि पछुआ हवाओं के कारण गलन बढ़ी रहेगी। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होगी लेकिन न्यूनतम तापमान पांच से छह डिग्री तक पहुंच जाएगा। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि अलाव के लिए तहसीलों को पैसा भेजा जा चुका है। तीनों एसडीएम को निर्देश दिया गया है कि सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाएं। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि जिन फसलों की सिंचाई हो गई थी, उनके लिए थोड़ी दिक्कत है लेकिन जिनकी अब तक सिंचाई नहीं हुई उनके लिए बारिश फायदेमंद है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि ठंड में बच्चों और बुजुर्गों के लिए बचाव बहुत जरूरी है। घर से बाहर निकले तो गर्म कपड़े अवश्य पहनें। गुनगुने का पानी का सेवन बेहतर होगा।
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बारिश में भीगा तीन हजार एमटी धान
ज्ञानपुर। क्रय केंद्र प्रभारियों और ठेकेदारों की लापरवाही से तीन हजार एमटी धान बारिश में भीग गया। क्रय केंद्रों पर पानी भरने से सैकड़ों बोरी धान भीग गया। किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में विपणन के अलावा अन्य एजेंसियों के 50 केंद्र खोले गए हैं। विपणन केंद्रों पर गोदामों में पीडीएस का अनाज होने के कारण खरीद किया गया धान खुले आसमान के नीचे ही रखा जाता है। मंगलवार को दिन में मौसम खराब होने के बाद भी धान की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। रात में हुई बारिश से केंद्रों पर खुले में रखा गया धान भीग गया। गोपीगंज, जंगीगंज, औराई, सुरियावां सहित अन्य केंद्रों पर तीन हजार एमटी से अधिक धान भीग गए। प्रभारियों का कहना है कि रात में प्लास्टिक से धान ढक दिए गए थे, लेकिन हवा चलने से वह उड़ गए। इसके चलते धान की बोरियां भीग गईं। धान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अधिक भीगी हुई बोरियों को बदल दिया गया। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि अब तक 31 हजार 500 एमटी धान की खरीद हुई है। जिसमें 25 हजार एमटी मिलरों के यहां भेजा जा चुका है। छह हजार एमटी धान 50 क्रय केंद्रों पर डंप था। सभी केंद्रों पर भवन होने से धान कुछ केंद्रों पर ही भीगा है।
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