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Bhadohi News: बोर्ड परीक्षा केंद्रों में फेरबदल के लिए प्रबंधक लगा रहे अफसरों के चक्कर

Wed, 04 Dec 2024 01:05 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:05 PM IST
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Managers are making rounds of officers for reshuffle in board examination centers
ज्ञानपुर। शासन की नकलविहीन परीक्षा की मंशा पर अफसर पानी फेरने में जुटे हैं। मानक को दरकिनार कर कई वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। छात्र आवंटन की संख्या में भी गड़बड़ी सामने आई है। सवित्त एवं राजकीय स्कूलों के होने पर भी वित्तविहीन विद्यालयों को केंद्र बना दिया गया है। उसके बाद से ही वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधक अफसरों के यहां चक्कर लगा रहे हैं।
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भाजपा के पूर्व महामंत्री ने भी सीएम, डीएम और सचिव को पत्र लिखकर केंद्र निर्धारण को पारदर्शी ढंग से कराने की मांग की। फरवरी-मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए परिषद ने पिछले दिनों 85 केंद्रो की अनंतिम सूची जारी की। जिसके बाद प्रधानाचार्यों से आपत्ति मांगी गई। संसाधन की कमी, स्कूलों से दूरी समेत अन्य कमियों के आधार पर 95 विद्यालयों ने आपत्ति दर्ज कराई।
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डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने आपत्तियों का निस्तारण कर रिपोर्ट सौंपा। इसके बाद विभाग की तरफ से संभावित केंद्रों की सूची परिषद को भेजी गई। डीएम की ओर से गठित टीम के अधिकारियों की कसरत काम नहीं आई। अंतत: कई मानकविहीन विद्यालय परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल कर दिए गए।
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केंद्र बनने से वंचित विद्यालयों के प्रबंधक डीआइओएस कार्यालय की परिक्रमा करने लगे, ताकि विलंब से फॉर्म जमा करने वाले विद्यालयों के छात्रों के लिए बढ़ने वाले परीक्षा केंद्रों की सूची में उनके विद्यालय का नाम आ जाए। इसमें कुछ ऐसे विद्यालय भी शामिल हैं जो पूर्व में धांधली के कारण विवादों में आ चुके हैं। दूसरी तरफ उन प्रबंधकों ने भी चक्कर लगाने शुरू कर दिए, जिनके छात्रों की जुगाड़ वाले विद्यालयों में पोस्टिंग नहीं हुई।

बड़ी संख्या में प्रबंधक ऐसे हैं, जो केंद्रों में फेरबदल को लेकर प्रयासरत हैं। अधिकारियों से मुलाकात से लेकर बाबुओं से जोड़तोड़ चल रही है। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री श्रीनिवास चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और सचिव को पत्र भेजकर केंद्र निर्धारण में पारदर्शी व्यवस्था करने की मांग की। कहा कि वित्तपोषित एवं राजकीय विद्यालय होने के बाद भी शिक्षा विभाग के अफसरों ने साठगांठ कर वित्तविहीन विद्यालयों को केंद्र बना दिया है। जबकि इनमें सुविधाओं की कमी है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने कहा कि प्रस्तावित केंद्रो की सूची परिषद को भेजी जा चुकी है। वहां से ही केंद्रो का निर्धारण होगा।
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