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Bhadohi News: प्रभु श्री राम ने तोड़ा शिव धनुष, सीता संग किया विवाह
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अमीर पट्टी के रामलीला में अभिनय करते कलाकार। संवाद
औराई। क्षेत्र के अमीरपट्टी मारुति धाम हनुमान मंदिर पर श्री स्वामी रामानंद मारुति नंदन रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में बुधवार की शाम सीता विवाह और राम वनवास की लीला का मंचन हुआ।
मंचन कर रहे कलाकारों ने दिखाया कि प्रभु श्री राम द्वारा शिव के धनुष को तोड़ते ही पूरा प्रांगण श्री राम के जयकारे से गूंज उठा।
जनकपुर की महिलाएं सीता को लेकर जैसे ही राम के पास पहुंची, जहां राम ने वरमाला सीता के गले में डाला तो सियाराम के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। यह खबर सुनकर महाराज दशरथ अयोध्या से बरात लेकर जनकपुर पहुंचते हैं, जहां हाथी, घोड़े, ढोल, नगाड़े और आतिशबाजी के साथ द्वार चार के बाद विवाह की रस्म निभाई जाती है।
जनकपुर की महिलाएं राम कलेवा में तरह-तरह की गालियां अवधपुरी के लोगों को देती है। एक महीने के बाद बरात अयोध्या लौट जाती है और महाराज दशरथ श्री राम को उत्तराधिकारी बनाने के लिए गुरु वशिष्ठ से आदेश लेकर अयोध्या नगर में घोषणा करवाते हैं।
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यह खबर जैसे ही दासी मंथरा को लगती है, वह महारानी कैकेयी के पास जाकर उन्हें भड़काती है। इस पर कैकेयी ने दशरथ से राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राज्याभिषेक मांग लेती हैं।
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मंचन कर रहे कलाकारों ने दिखाया कि प्रभु श्री राम द्वारा शिव के धनुष को तोड़ते ही पूरा प्रांगण श्री राम के जयकारे से गूंज उठा।
जनकपुर की महिलाएं सीता को लेकर जैसे ही राम के पास पहुंची, जहां राम ने वरमाला सीता के गले में डाला तो सियाराम के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। यह खबर सुनकर महाराज दशरथ अयोध्या से बरात लेकर जनकपुर पहुंचते हैं, जहां हाथी, घोड़े, ढोल, नगाड़े और आतिशबाजी के साथ द्वार चार के बाद विवाह की रस्म निभाई जाती है।
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जनकपुर की महिलाएं राम कलेवा में तरह-तरह की गालियां अवधपुरी के लोगों को देती है। एक महीने के बाद बरात अयोध्या लौट जाती है और महाराज दशरथ श्री राम को उत्तराधिकारी बनाने के लिए गुरु वशिष्ठ से आदेश लेकर अयोध्या नगर में घोषणा करवाते हैं।
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यह खबर जैसे ही दासी मंथरा को लगती है, वह महारानी कैकेयी के पास जाकर उन्हें भड़काती है। इस पर कैकेयी ने दशरथ से राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राज्याभिषेक मांग लेती हैं।