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आइसोलेशन सेंटर में भगवान भरोसे कोरोना मरीज

Thu, 30 Jul 2020 05:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 05:57 PM IST
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Life will take dirt before Corona
लापरवाही: आइसोलेशन सेंटर में भगवान भरोसे कोरोना मरीज
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पांच दिन से कूड़ेदान में भरा है कचरा, दुर्गंध से सांस लेना दुश्वार
कारपेट एक्सपो मार्ट में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर का हाल बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण जितनी तेजी से पांव पसार रहा है, विभागीय लापरवाही भी उतनी ही तेज गति से बढ़ रही है। भदोही नगर में कारपेट एक्सपो मार्ट में बनाए गए 900 बेड के कोविड-19 अस्पताल में मरीजों को मानो भगवान भरोसे छोड़ दिया गया हो। कहने को आइसोलेशन सेंटर मगर यहां दुर्व्यवस्थाओं का अंबार लगा है। होम आइसोलेशन के लिए अलग बाथरूम और 24 घंटे देखरेख के लिए अलग आदमी का शपथ पत्र भरवाने वाले स्वास्थ्य विभाग ने एक्सपो मार्ट में भर्ती 60 मरीजों के लिए केवल 15 शौचालय चालू हालत में रखा है। इन शौचालयों को संक्रमण की पुष्टि होने पर आने वाले नए और रिकवर हो चुके दोनों मरीज इस्तेमाल करते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बरकरार रहता है। यही हालत नहाने के लिए पास-पास बनाए गए पानी के चार नलों का है।
कोरोना संक्रमण काल में मुख्यमंत्री का आदेश धरातल पर नहीं दिख रहा है। एक्सपो मार्ट में बने कोविड अस्पताल में साफ-सफाई से लेकर खाने-पीने तक की व्यवस्था बेपटरी है। मरीजों का कहना है कि वे कोरोना से पहले गंदगी से फैले संक्रमण से जान गंवा देंगे। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को खाने-पीने से लेकर साफ-सफाई तक कीे जिम्मेदारी दी गई है, मगर कमीशनखोरी के चक्कर में संक्रमितों को जरूरत के मुताबिक भी सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। अस्पताल में मरीज बढ़ते गए, लेकिन सुविधाएं नही बढ़ीं। वर्तमान समय मे मार्ट में करीब 60 संक्रमित मरीजों को आइसोलेट किया गया है, जिन पर सरकार मोटी रकम खर्च कर रही है। कोविड अस्पताल की सफाई पर नजर डाली जाए तो एंट्री गेट के पास 25 जुलाई से पड़ा कचरा अब तक नहीं हट सका। उससे उठने वाली दुर्गंध अस्पताल के अंदर तक जाती है। स्नान के लिए सिर्फ चार टोटियां लगी हैं, जिन पर सभी मरीजों को स्नान करना है। यही हाल शौचालय का है। कहने को 20 अस्थायी शौचालय बने हैं, लेकिन पांच खराब हालत में हैं। सभी 60 संक्रमितों को उन्हीं शौचालयों का उपयोग करना है। रिकवर हो चुके और नए संक्रमित मरीज दोनों एक ही वस्तु का उपयोग करते हैं, जिससे स्वस्थ होने वाले लोगों दोबारा संक्रमित होने का खतरा बना रहता है।
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60 संक्रमितों के लिए एक लीटर काढ़ा
ज्ञानपुर। कोविड अस्पताल एक्सपो मार्ट में नाश्ते से लेकर खाने पीने तक की व्यवस्था लचर है। 60 संक्रमितों को काढा के नाम पर एक लीटर गर्म पानी दे दिया जाता है। यही हाल नाश्ते, लंच और डिनर का है। उनका कहना है कि भोजन की मात्रा इतनी कम रहती है कि संक्रमितों को झूठ बोलकर दो पैकेट लंच या डिनर मांगना पड़ता है। जिसको मिल गया ठीक नहीं तो आधे पेट खाकर ही सोना पड़ता है। सबसे खास बात है कि खान-पान वितरण का कोई टाइम टेबल नहीं है।
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चिकित्सकीय सुविधा माशाअल्लाह
ज्ञानपुर। कोविड अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधा का हाल भी माशाअल्लाह है। 24 घंटे में दो बार चिकित्सक का दर्शन होता है। थर्मामीटर से तापमान लेने के बाद पूछा जाता है कि क्या दिक्कत है। इसके बाद दवा दी जाती है । अगर किसी की तबीयत बीच में बिगड़ जाए तो वह चिल्ला-चिल्ला कर थक जाता है।
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