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पति की दीर्घायु के लिए रखा निर्जला व्रत
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Mon, 05 Sep 2016 01:09 AM IST
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सुहाग की लंबी उम्र और सलामती के लिए हरितालिका तीज पर रविवार को महिलाओं ने निराजल व्रत रखकर ईश्वर से कामना की। महिलाएं पूरे दिन बिना अन्न व जल के व्रत रहने के बाद मंदिरों में पूजन अर्चन किया। कुछ महिलाओं ने शाम को तारे को देखकर तो कुछ महिलाएं सोमवार को सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करेंगी। जिलेभर की महिलाओं में हरितालिका तीज को लेकर खासा उत्साह और श्रद्धा देखा गया। इसे लेकर महिलाएं काफी व्यस्त दिखीं।
हरितालिका तीज को लेकर रविवार को नगर में चहल पहल रही। हरिहरनाथ मंदिर पर सुबह से ही महिलाओं और युवतियों की भीड़ देखी गई। सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए तो कुवांरी कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए व्रत को रखा। तीज को लेकर नवविवाहित महिलाओं में खासा उत्साह रहा।
विधि विधान पूर्वक महिलाओं ने पूजन अर्चन कर ईश्वर से पति के लंबी उम्र की कामना की। पौराणिक मान्यता है कि मां पार्वती ने शिव को वर के रूप में प्राप्ति के लिए भाद्रपद भादो शुक्ल तृतीया को निराजल व्रत रहकर शिव की आराधना की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। तीज की रात्रि में शिव-पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा स्वयं बनाकर प्राण प्रतिष्ठा करने का भी प्रावधान है। हरिहरनाथ मंदिर के अलावा ग्रामीण अंचलो में स्थित मंदिरों में महिलाओं, युवतियों ने सुबह पूजन अर्चन किया।
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हरितालिका तीज को लेकर रविवार को नगर में चहल पहल रही। हरिहरनाथ मंदिर पर सुबह से ही महिलाओं और युवतियों की भीड़ देखी गई। सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए तो कुवांरी कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए व्रत को रखा। तीज को लेकर नवविवाहित महिलाओं में खासा उत्साह रहा।
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विधि विधान पूर्वक महिलाओं ने पूजन अर्चन कर ईश्वर से पति के लंबी उम्र की कामना की। पौराणिक मान्यता है कि मां पार्वती ने शिव को वर के रूप में प्राप्ति के लिए भाद्रपद भादो शुक्ल तृतीया को निराजल व्रत रहकर शिव की आराधना की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। तीज की रात्रि में शिव-पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा स्वयं बनाकर प्राण प्रतिष्ठा करने का भी प्रावधान है। हरिहरनाथ मंदिर के अलावा ग्रामीण अंचलो में स्थित मंदिरों में महिलाओं, युवतियों ने सुबह पूजन अर्चन किया।
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