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कारपेट सिटी में भूखंड के लीज हस्तांतरित किए जा सकेंगे
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भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) ने कारपेट सिटी में उद्यमियों को अपने भूखंड की लीज हस्तांतरण सुविधा को कानूनी मान्यता दे दी है। यह नियम लागू भी हो गया है। गत माह लखनऊ में बीडा बोर्ड की बैठक में ऑल इंडिया कारपेट मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन (एकमा) द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने पर बीडा अध्यक्ष नवनीत सहगल ने प्रस्ताव पारित किया था। मंगलवार को बीडा मुख्य कार्यपालक अधिकारी संदीप कुमार ने एकमा पदाधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इसे बीडा के बाइलाज में शामिल कर लिया गया है। इस निर्णय का बड़े स्तर पर स्वागत किया जा रहा है।
जानकारी हो कि बीडा के कारपेट सिटी योजना में भूखंड खरीदने के बाद उद्यमियों के पास उसे बेचने का अधिकार नहीं था। कई उद्यमियों को शिकायत थी कि उनका व्यवसाय खत्म हो गया है आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं फिर भी बीडा से क्रय किए गए भूखंड की लीज वे किसी और हस्तांतरित नहीं कर सकते। यह समस्या वर्षों से चली आ रही थी। यह मुद्दा कालीन निर्यातक कई बार एकमा की बैठकों में भी उठा चुके थे।
इसी क्रम में गत 13 अगस्त को लखनऊ में हुई बीडा बोर्ड की बैठक में एकमाध्यक्ष ओएन मिश्रा समेत कई पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। एकमाध्यक्ष ने सवाल किया था कि बिजनेस खराब होने की स्थिति में बीडा लीज धारकों भूखंड की लीज हस्तांतरित करने की अनुमति नहीं देता है। ऐसी स्थिति में वे आर्थिक संकट के चक्रव्यु में फंसते जा रहे हैं। बैठक में एकमा के लोगों ने उन्हें उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में ऐसा कानून होने का हवाला देते हुए बीडा में ऐसा कानून बनाने की मांग की थी। तब बैठक में यह कहा गया था कि यूपीसीडा जैसी व्यवस्था यहां भी दी जाए।
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आज बताया कि बीडा के बाइलाज में आवश्यक संशोधन कर दिया गया है तथा अब कारपेट सिटी के भूखंड के लीज हस्तांतरित किए जा सकेंगे। यह बात उन्होंने सोमवार को बीडा सभागार में एकमा पदाधिकारियों के साथ बैठक में भी बताई। बैठक में एकमाध्यक्ष के अलावा मानद सचिव असलम महबूब, तनवीर हुसैन, राजकुमार बोथरा, जयप्रकाश गुप्ता, बीडा के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह, अमिताभ रंजन दास भी थे।
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जानकारी हो कि बीडा के कारपेट सिटी योजना में भूखंड खरीदने के बाद उद्यमियों के पास उसे बेचने का अधिकार नहीं था। कई उद्यमियों को शिकायत थी कि उनका व्यवसाय खत्म हो गया है आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं फिर भी बीडा से क्रय किए गए भूखंड की लीज वे किसी और हस्तांतरित नहीं कर सकते। यह समस्या वर्षों से चली आ रही थी। यह मुद्दा कालीन निर्यातक कई बार एकमा की बैठकों में भी उठा चुके थे।
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इसी क्रम में गत 13 अगस्त को लखनऊ में हुई बीडा बोर्ड की बैठक में एकमाध्यक्ष ओएन मिश्रा समेत कई पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। एकमाध्यक्ष ने सवाल किया था कि बिजनेस खराब होने की स्थिति में बीडा लीज धारकों भूखंड की लीज हस्तांतरित करने की अनुमति नहीं देता है। ऐसी स्थिति में वे आर्थिक संकट के चक्रव्यु में फंसते जा रहे हैं। बैठक में एकमा के लोगों ने उन्हें उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में ऐसा कानून होने का हवाला देते हुए बीडा में ऐसा कानून बनाने की मांग की थी। तब बैठक में यह कहा गया था कि यूपीसीडा जैसी व्यवस्था यहां भी दी जाए।
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आज बताया कि बीडा के बाइलाज में आवश्यक संशोधन कर दिया गया है तथा अब कारपेट सिटी के भूखंड के लीज हस्तांतरित किए जा सकेंगे। यह बात उन्होंने सोमवार को बीडा सभागार में एकमा पदाधिकारियों के साथ बैठक में भी बताई। बैठक में एकमाध्यक्ष के अलावा मानद सचिव असलम महबूब, तनवीर हुसैन, राजकुमार बोथरा, जयप्रकाश गुप्ता, बीडा के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह, अमिताभ रंजन दास भी थे।