{"_id":"226af78ba807592c9be935a5fa3956ab","slug":"johar-ali-significant-contribution-to-india-s-independence-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदुस्तान की आजादी में जौहर अली का योगदान अहम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदुस्तान की आजादी में जौहर अली का योगदान अहम
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Fri, 11 Dec 2015 02:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्होंने मुसलमानों में शिक्षा का अलख जगाने का काम किया। उनकी बदौलत मुसलमानों में शिक्षा के प्रति बेदारी आई।
विधायक ने कहा कि मौ.जौहर अली ने देश की खिदमत करने के लिए पत्रकारिता भी की। उन्होंने लंदन गोल मेज कांफ्रेंस में भारत का प्रतिनिधित्व किया। कहा कि कैबिनेट मंत्री आजम खां द्वारा रामपुर में खोला गया मौ.जौहर अली युनिवर्सिटी देश की तारीख बनेगा जो कौम की तरक्की में भागीदार होगा।
उन्होंने कहा कि इल्म तरक्की का जरिया बन चुका है। लोगों को चाहिए भले ही आधा पेट भोजन करें लेकिन अपने बच्चों को इल्मयाब जरूर करें। सेमिनार में समाज में बेहतर योगदान देने वाले साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
संचालन मौ.शोएब आलम नदवी ने और अध्यक्षता शाहिद हुसैन ने की। इस मौके पर हाजी आजाद खां, हाफिज मेराज, वासिफ अंसारी, हाजी अब्दुल बारी, राजेंद्र मौर्य, अमजद मंसूरी, शाहिद एकराम, शफीक अहमद, शानू खां, आफताब खां आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधायक ने कहा कि मौ.जौहर अली ने देश की खिदमत करने के लिए पत्रकारिता भी की। उन्होंने लंदन गोल मेज कांफ्रेंस में भारत का प्रतिनिधित्व किया। कहा कि कैबिनेट मंत्री आजम खां द्वारा रामपुर में खोला गया मौ.जौहर अली युनिवर्सिटी देश की तारीख बनेगा जो कौम की तरक्की में भागीदार होगा।
उन्होंने कहा कि इल्म तरक्की का जरिया बन चुका है। लोगों को चाहिए भले ही आधा पेट भोजन करें लेकिन अपने बच्चों को इल्मयाब जरूर करें। सेमिनार में समाज में बेहतर योगदान देने वाले साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
संचालन मौ.शोएब आलम नदवी ने और अध्यक्षता शाहिद हुसैन ने की। इस मौके पर हाजी आजाद खां, हाफिज मेराज, वासिफ अंसारी, हाजी अब्दुल बारी, राजेंद्र मौर्य, अमजद मंसूरी, शाहिद एकराम, शफीक अहमद, शानू खां, आफताब खां आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन