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जांच के लिए बनाई गई टीम
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2016 01:38 AM IST
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सिविल लाइंस-वीआईपी रोड कचहरी तिराहा
- फोटो : अमर उजाला
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भदोही - मिर्जापुर फोरलेन रोड के निर्माण में अतिक्रमण को लेकर फंसे पेच को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने चार अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। यह टीम सर्वे कर अतिक्रमण का पता लगाएगी। साथ ही अतिक्रमण के दायरे से बाहर के जिन लोगों के निर्माण टूटेंगे, उनके लिए मुआवजे का आकलन करेगी। जिले की जौनपुर सीमा से मिर्जापुर सीमा तक भदोही जिले में तकरीबन 25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के फोरलेन के लिए 152 करोड़ रुपये की स्वीकृति हुई है। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 25 मई को जिले में आगमन के दौरान किया था।
भदोही-मिर्जापुर मार्ग चौड़ीकरण में प्रभावित होने वाले लोगों के नुकसान का जिला प्रशासन आकलन करेगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने चार अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में एसडीएम औराई, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, उप निबंधक और भूमि अध्यप्ति अधिकारी शामिल हैं। चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले पुरुषोत्तमपुर के 28 ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुआवजा और पुनर्वास की मांग की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को डीएम सुरेश कुमार सिंह ने प्रभावित लोगों के साथ बैठक की।
कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दायरे में जिनके मकान और जमीन आ रही हैं, उसका सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए गठित चार अधिकारियों की टीम सर्वे कर रिपोर्ट देगी। उसे शासन को भेजा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर मुआवजा दिया जाएगा।बताया कि पुनर्वास को लेकर भी सर्वे में रिपोर्ट की जाएगी। आधे घंटे तक चली मीटिंग में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वालों ने पक्ष रखा। हालांकि जिले की सीमा में भदोही से मिर्जापुर तक प्रभावित होने वाले लोग भी पहुंचे थे, लेकिन उनसे डीएम की मुलाकात नहीं हो सकी।
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इस मौके पर संतोष दुबे, संतोष उपाध्याय, संतोष श्रीवास्तव, राजेश उपाध्याय, मलाधर जायसवाल, गणेश मोदनवाल आदि लोग शामिल थे। उधर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी एके चौरसिया ने बताया कि नुकसान का आंकलन करने के लिए गठित कमेटी सर्वे कर चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले लोगों की जमीन और मकान के नुकसान को देखेगी। और उस आंकलन की रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद निर्देश मिलने पर मुआवजे का स्टीमेट बनाया जाएगा।
कहा गया कि किसी को परेशानी नहीं होगी। कार्य ऐसा होगा जिससे सबको लाभ होगा। सरकार सभी के सुविधा के लिए कार्य कर रही है। सड़क चौड़ी हाने सेे विकास होगा।
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भदोही-मिर्जापुर मार्ग चौड़ीकरण में प्रभावित होने वाले लोगों के नुकसान का जिला प्रशासन आकलन करेगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने चार अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में एसडीएम औराई, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, उप निबंधक और भूमि अध्यप्ति अधिकारी शामिल हैं। चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले पुरुषोत्तमपुर के 28 ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुआवजा और पुनर्वास की मांग की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को डीएम सुरेश कुमार सिंह ने प्रभावित लोगों के साथ बैठक की।
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कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दायरे में जिनके मकान और जमीन आ रही हैं, उसका सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए गठित चार अधिकारियों की टीम सर्वे कर रिपोर्ट देगी। उसे शासन को भेजा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर मुआवजा दिया जाएगा।बताया कि पुनर्वास को लेकर भी सर्वे में रिपोर्ट की जाएगी। आधे घंटे तक चली मीटिंग में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वालों ने पक्ष रखा। हालांकि जिले की सीमा में भदोही से मिर्जापुर तक प्रभावित होने वाले लोग भी पहुंचे थे, लेकिन उनसे डीएम की मुलाकात नहीं हो सकी।
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इस मौके पर संतोष दुबे, संतोष उपाध्याय, संतोष श्रीवास्तव, राजेश उपाध्याय, मलाधर जायसवाल, गणेश मोदनवाल आदि लोग शामिल थे। उधर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी एके चौरसिया ने बताया कि नुकसान का आंकलन करने के लिए गठित कमेटी सर्वे कर चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले लोगों की जमीन और मकान के नुकसान को देखेगी। और उस आंकलन की रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद निर्देश मिलने पर मुआवजे का स्टीमेट बनाया जाएगा।
कहा गया कि किसी को परेशानी नहीं होगी। कार्य ऐसा होगा जिससे सबको लाभ होगा। सरकार सभी के सुविधा के लिए कार्य कर रही है। सड़क चौड़ी हाने सेे विकास होगा।