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तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार गंगा के जलस्तर में बढ़ाव
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ज्ञानपुर। अलग-अलग हिस्सों में हो रही अच्छी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिले से होकर गुजरने वाली गंगा नदी में भी बीते करीब एक सप्ताह से जलस्तर बढ़ रहा है। यहां तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। बढ़ते जलस्तर को देखकर आस-पास गांवों के लोग दहशत का माहौल है। यदि इसी तरह का बढ़ाव जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर खतरा बिंदू को पार कर जाएगा। ऐसे में एक तो बाढ़ का असर होगा और किसानों की जमीन का कटान भी होगा। हालांकि जिला प्रशासन भी लगातार नजर बनाया हुआ है। सिंचाई विभाग के माध्यम से प्रतिदिन जलस्तर की रिपोर्ट मांगी जा रही है, जिससे बाढ़ की आशंका होते ही संबंधित गांवों में अलर्ट जारी किया जा सके।
जिले में करीब 36 किलोमीटर तक गंगा गुजरी हैं। प्रयागराज की सीमा से सटे जिले के धनतुलसी से शुरू होकर मिर्जापुर के भोगाव के पास तक गंगा हैं। गंगा से सटे करीब 47 गांव हैं। ऐसे में जलस्तर जब बढ़ता है तो इन गांवों के लोग नजर रखते हैं। आस-पास गांवों के लोगों की मानें तो जलस्तर बढ़ रहा है। इसी तरह से बढ़ता रहा तो दिक्कत हो सकती है। उधर, सिंचाई विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को सीतामढ़ी में जलस्तर 70.36 मीटर था। 24 घंटे में तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा तो मंगलवार को जलस्तर 71.08 मीटर हो गया। यानी करीब 72 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण के लिए 22 चौकियां स्थापित की है।
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इनसेट
इन गांवों में होती है कटान
गंगा से सटे तो 47 गांव हैं, लेकिन जलस्तर बढ़ने से जब बाढ़ आती है तो सीतामढ़ी क्षेत्र में कटान सबसे ज्यादा होती है। इटहरा, झेझुआ, भूर्रा, मवैयाथान आदि गांवों में कटान होती है। बीते करीब 50 सालों में एक हजार बीघे से ज्यादा की कटान हो चुकी है। इसी तहर जगरनाथपुर, जहागीराबाद, रामपुर, गुलौरी क्षेत्र में भी कटान होती है।
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जिले में करीब 36 किलोमीटर तक गंगा गुजरी हैं। प्रयागराज की सीमा से सटे जिले के धनतुलसी से शुरू होकर मिर्जापुर के भोगाव के पास तक गंगा हैं। गंगा से सटे करीब 47 गांव हैं। ऐसे में जलस्तर जब बढ़ता है तो इन गांवों के लोग नजर रखते हैं। आस-पास गांवों के लोगों की मानें तो जलस्तर बढ़ रहा है। इसी तरह से बढ़ता रहा तो दिक्कत हो सकती है। उधर, सिंचाई विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को सीतामढ़ी में जलस्तर 70.36 मीटर था। 24 घंटे में तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा तो मंगलवार को जलस्तर 71.08 मीटर हो गया। यानी करीब 72 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण के लिए 22 चौकियां स्थापित की है।
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इन गांवों में होती है कटान
गंगा से सटे तो 47 गांव हैं, लेकिन जलस्तर बढ़ने से जब बाढ़ आती है तो सीतामढ़ी क्षेत्र में कटान सबसे ज्यादा होती है। इटहरा, झेझुआ, भूर्रा, मवैयाथान आदि गांवों में कटान होती है। बीते करीब 50 सालों में एक हजार बीघे से ज्यादा की कटान हो चुकी है। इसी तहर जगरनाथपुर, जहागीराबाद, रामपुर, गुलौरी क्षेत्र में भी कटान होती है।
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