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कालीन सेक्टर में विकास की अपार संभावनाएं : प्रो. उमा
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परिचय कार्यक्रम में कुलपति को स्मृति चिन्ह प्रदान करते आईआईसीटी निदेशक। स्रोत-संवाद
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काशी नरेश विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) में दाखिला मिलना करियर के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर वस्त्र एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों का ज्ञान हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। वह बृहस्पतिवार को संस्थान में आयोजित परिचय कार्यक्रम में बीटेक प्रथम वर्ष के 75 नवप्रवेशी छात्रों को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि कालीन सेक्टर में विकास की अपार संभावनाएं हैं। छात्र देश-विदेश में वस्त्र क्षेत्र में अच्छी नौकरी हासिल कर सकते हैं। कोर्स पूरा करने के बाद स्वरोजगार का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। अनुशासन और लगन के बल पर कोई भी छात्र सफलता की राह पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के साथ कौशल विकसित करने तथा संस्थान में उपलब्ध संसाधनों और अवसरों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
निदेशक प्रो. राजीव कुमार वार्ष्णेय ने आईआईसीटी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चार वर्षीय बीटेक डिग्री हासिल कर यहां के छात्र देश-विदेश में अच्छे मुकाम हासिल कर चुके हैं।
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प्रभारी कुलसचिव प्रो. एसके पाल ने संस्थान में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न प्रयोगशालाओं की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि कालीन सेक्टर में विकास की अपार संभावनाएं हैं। छात्र देश-विदेश में वस्त्र क्षेत्र में अच्छी नौकरी हासिल कर सकते हैं। कोर्स पूरा करने के बाद स्वरोजगार का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। अनुशासन और लगन के बल पर कोई भी छात्र सफलता की राह पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के साथ कौशल विकसित करने तथा संस्थान में उपलब्ध संसाधनों और अवसरों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
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निदेशक प्रो. राजीव कुमार वार्ष्णेय ने आईआईसीटी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चार वर्षीय बीटेक डिग्री हासिल कर यहां के छात्र देश-विदेश में अच्छे मुकाम हासिल कर चुके हैं।
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प्रभारी कुलसचिव प्रो. एसके पाल ने संस्थान में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न प्रयोगशालाओं की जानकारी दी।