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प्रकृति की उपेक्षा पड़ेगी भारी
भदोही
Updated Wed, 18 Jan 2017 01:24 AM IST
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काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वनस्पति विभाग में परिषद से पुरस्कार वितरण कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि परिस्थितिकी विकास के लिए एक भी आदर्श नीति एवं आचार संहिता जरूरी है। हम प्रकृति के साथ पूर्ण साम्य नहीं कर सकते पर पर्यावरणीय नैतिकता का विकास कर मानव पर्यावरण संतुलन स्थापित कर सकते हैं।
प्राचार्य डॉ. एलएम जोशी ने कहा कि वर्तमान में मानव द्वारा प्रकृति की उपेक्षा की वजह से कई समस्या खड़ी हो गई है। विश्व कल्याण के लिए पर्यावरण को बचाना होगा। चीफ प्राक्टर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. कमाल अहमद सिद्दी की ने कहा कि विज्ञान का संदेश देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे, इसे से वैज्ञानिक चेतना आगे बढ़ेगी। इस दौरान डॉ.रणजीत सिंह, डॉ. दीप्ति अग्रवाल, डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. प्रभात कुमार, डॉ.रत्नेश सोनी ने विचार व्यक्त किया। संचालन डॉ. उषा यादव ने किया।
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प्राचार्य डॉ. एलएम जोशी ने कहा कि वर्तमान में मानव द्वारा प्रकृति की उपेक्षा की वजह से कई समस्या खड़ी हो गई है। विश्व कल्याण के लिए पर्यावरण को बचाना होगा। चीफ प्राक्टर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. कमाल अहमद सिद्दी की ने कहा कि विज्ञान का संदेश देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे, इसे से वैज्ञानिक चेतना आगे बढ़ेगी। इस दौरान डॉ.रणजीत सिंह, डॉ. दीप्ति अग्रवाल, डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. प्रभात कुमार, डॉ.रत्नेश सोनी ने विचार व्यक्त किया। संचालन डॉ. उषा यादव ने किया।
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