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गरीब बच्चों के दाखिले में कान्वेट स्कूलों की आनाकानी

Tue, 30 Aug 2022 09:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2022 09:51 PM IST
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Ignorance of convent schools in admission of poor children
ज्ञानपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दुर्बल एवं गरीब बच्चों को कान्वेंट स्कूलों में दाखिला लेने में कान्वेंट स्कूल आनाकानी कर रहे हैं। अधिनियम से बचने के लिए 542 में 161 स्कूलों ने अब तक आरटीई के पोर्टल पर पंजीकरण तक नहीं कराया। दो नोटिस के बाद भी स्कूल लापरवाह बने हैं। अब विभाग ऐसे विद्यालयों के मान्यता समाप्त करने की कवायद में जुट गया है। जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों के अलावा 850 बेसिक, सीबीएसई, आईसीएसई से मान्यता प्राप्त निजी और कान्वेंट विद्यालय संचालित हैं। आरटीई के मानक में इन स्कूलों में 25 फीसदी गरीब और दुर्बल वर्ग के बच्चों को प्रवेश के लिए सीटें आरक्षित रहती हैं, लेकिन जिले के अधिकतर स्कूलों की ओर से ऐसे बच्चों का प्रवेश नहीं दिया जाता। जिसमें तमाम प्रकार की तकनीकी खामियों का हवाला दिया जाता है। वर्ष 2022 में शासन ने आरटीई पोर्टल पर स्कूलों को पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। जिससे अभिभावक अपने क्षेत्र के स्कूल को चिह्नित कर वहां अपने बच्चों का प्रवेश करा सकें। कक्षा एक से पांच और एक से आठ के 542 स्कूलों में मात्र 381 ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। भदोही, गोपीगंज, घोसिया, सुरियावां और ज्ञानपुर के नामी गिरामी विद्यालय संग कुल 161 स्कूलों ने पोर्टल पर अपना पंजीकरण ही नहीं कराया। जिससे सरकार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता कल्पनाथ मिश्र ने बताया कि अब व्यवस्था ऑनलाइन हो गई है। जिससे स्कूल गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। पंजीकरण न कराने वाले 161 स्कूलों को दो नोटिस भेजी गई। अब उनके मान्यता समाप्त करने की फाइल उच्चाधिकारियों के पास भेजी जाएगी। आरटीई के तहत कान्वेंट स्कूलों में साल 2022 में 314 बच्चों को प्रवेश नहीं मिल सका। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो मई-जून में 1522 अभिभावकों ने बच्चों का प्रवेश लेने के लिए आवेदन किया था। लाटरी सिस्टम से तीन बार में 1208 बच्चों का प्रवेश लिया गया। 314 बच्चों का पता नहीं चल सका। संभावना जताई कि दूसरे स्कूलों में एडमिशन लिए होंगे।
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