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Bhadohi News: बच्चा दो दिन स्कूल नहीं पहुंचा तो गुरुजी जाएंगे घर
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ज्ञानपुर। परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब नौनिहालों की हाजिरी की रोजाना मॉनिटरिंग प्रधानाध्यापक करेंगे। दो दिन तक बच्चा लगातार अनुपस्थित रहता है, तो तीसरे दिन गुरुजी उसके घर जाएंगे। आखिर किस कारण से नहीं आया है उसका कारण जानते हुए प्रेरणा पोर्टल पर फीड भी करेंगे।
बेसिक शिक्षा सचिव का पत्र आने पर विभाग इसको प्रभावी बनाने में जुटा है। जिले में 885 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें करीब 1.30 लाख बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में पंजीकरण के सापेक्ष बच्चे विद्यालय नहीं पहुंचते। एक जुलाई से पूरी क्षमता से विद्यालयों का संचालन शुरू हो जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में आमतौर पर 60 फीसदी की औसत उपस्थिति दर्ज होती है। इसे बढ़ाकर 80 फीसदी तक करने का लक्ष्य है। लक्ष्य हासिल करने के लिए बच्चों की रोजाना हाजिरी की मॉनिटरिंग होगी। अभिभावकों से मिलकर स्कूल न आने का कारण जानेंगे। परिषदीय विद्यालयों में रोजाना प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी लग रही है। एमडीएम खाते हुए फोटो भी अपलोड की जा रही है।
कम उपस्थिति पर होगी कार्रवाई
जुलाई में विद्यालय पूरी क्षमता से चालू होने के बाद कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की सूची भी तैयार होगी। इस सूची की प्रत्येक महीने समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद जिस स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम पाई जाएगी, उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सचिव बेसिक शिक्षा का पत्र आया है। जिसमें कहा गया है कि दो दिन बच्चा विद्यालय नहीं आता है तो शिक्षक कारण पता करेंगे। प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर अभिभावकों से बात कर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे। - शिवम पांडेय, बीएसए।
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बेसिक शिक्षा सचिव का पत्र आने पर विभाग इसको प्रभावी बनाने में जुटा है। जिले में 885 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें करीब 1.30 लाख बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में पंजीकरण के सापेक्ष बच्चे विद्यालय नहीं पहुंचते। एक जुलाई से पूरी क्षमता से विद्यालयों का संचालन शुरू हो जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में आमतौर पर 60 फीसदी की औसत उपस्थिति दर्ज होती है। इसे बढ़ाकर 80 फीसदी तक करने का लक्ष्य है। लक्ष्य हासिल करने के लिए बच्चों की रोजाना हाजिरी की मॉनिटरिंग होगी। अभिभावकों से मिलकर स्कूल न आने का कारण जानेंगे। परिषदीय विद्यालयों में रोजाना प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी लग रही है। एमडीएम खाते हुए फोटो भी अपलोड की जा रही है।
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कम उपस्थिति पर होगी कार्रवाई
जुलाई में विद्यालय पूरी क्षमता से चालू होने के बाद कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की सूची भी तैयार होगी। इस सूची की प्रत्येक महीने समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद जिस स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम पाई जाएगी, उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सचिव बेसिक शिक्षा का पत्र आया है। जिसमें कहा गया है कि दो दिन बच्चा विद्यालय नहीं आता है तो शिक्षक कारण पता करेंगे। प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर अभिभावकों से बात कर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे। - शिवम पांडेय, बीएसए।