दुर्गागंज। वैसे तो बरसात थम चुका है, लेकिन बीते दिनों हुई बारिश से उफनाई वरूणा नदी की तलहटी में मौजूद सैकड़ों बीघे धान फसल जलजमाव के चलते नष्ट हो गई। लेकिन किसानों के फोन के बाद भी बीमा कंपनी फसल नुकसान का आंकलन करने नहीं पहुंची। जिसको लेकर किसानों में नाराजगी है। कहा कि जल्द ही उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। किसानों के मुताबकि भंडा भुजैनी में 200 बीघे से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
अबकी बार मई से ही मानसून मेहरबान रहा। बारिश के कारण नदियों और उसकी तलहटी में लगातार पानी बना रहा। मछली मारने के लिए कुछ स्थानों पर ग्रामीणों ने पानी को बांधा है। जिसके कारण तलहटी से उपर पानी भर जाने से सैकड़ो बीघे धान की फसल पानी में डूबने से सड़ककर नष्ट हो गई। अभोली ब्लॉक के भंडा भुजैनी गांव निवासी मानबहादुर सिंह की दो बीघा, रमाशंकर पाठक की नौ, दिलीप कुमार सिंह की तीन, सभाजीत सिंह की ढाई, लाल बादुर सिंह ने दो बीघा धान की फसल की बीमा भी कराया है। किसानों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद भी बीमा कंपनी का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। इसी तरह गांव के ही परमेंद्र सिंह की नौ बीघा, शिव प्रताप सिंह की चार, राकेश कुमार सिंह, पंकज सिंह की दो, कमला पाठक की डेढ़, संतोष की छह बीघा धान की फसल भी डूबकर नष्ट हो गई। उप कृषि निदेशक अरविंद सिंह ने कहाकि किसानों के नुकसान की भरपाई होगी। अगर बीमा कंपनी सूचना के बाद नहीं पहुंची तो उनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।