नईबाजार। काली देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में बुधवार की शाम कथा वाचिका माता कृष्णा ने भक्तों को मनुष्य जन्म के मूल्यों को समझाया। कहा कि मनुष्य जन्म अत्यंत दुर्लभ और अमूल्य है, इसलिए इस जीवन को व्यर्थ न गंवाकर भगवान की भक्ति, सत्संग और अच्छे कर्मों में लगाना चाहिए। बताया कि संसार में अनेक प्रकार के कार्य होते हैं, लेकिन उनमें सबसे श्रेष्ठ कार्य भगवान के नाम का स्मरण, संतों का संग और मानव सेवा है।बताया कि जब मनुष्य संतों के सानिध्य में रहता है तो उसके जीवन के अनेक भ्रम दूर हो जाते हैं और उसे सही मार्ग की प्राप्ति होती है। सत्संग के माध्यम से व्यक्ति के भीतर प्रेम, दया, विनम्रता और सेवा की भावना जागृत होती है। बताया कि अहंकार, क्रोध और बुरे विचार मनुष्य के पतन का कारण बनते हैं, जबकि भक्ति और सत्संग जीवन को उज्ज्वल बनाते हैं। कहा कि भगवान का नाम लेने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और भगवान नाम की महिमा इतनी बड़ी है कि जब कोई भी भगवान नाम का स्मरण करता है तो वह बड़े-बड़े भवसागर पार कर जाता है। इस मौके पर विनय उमरवैश्य, ओम सिंह, उमेश चंद विश्वकर्मा, नारायण मोदनवाल, गणेश उमरवैश्य, अंजलि मौर्या, विनीत बरनवाल आदि रहे।