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Bhadohi News: 12 महिला समूहों के दीयों से रोशन होंगे घर-आंगन
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दिवाली पर घर-आंगन रोशन करने के साथ ही महिला समूहों की मेहनत भी बाजार में चमकेगी। आगामी त्योहार को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाएं विभिन्न प्रकार के दीये तैयार कर रही हैं।
जल्द ही दुकानदारों से मिलकर इसका वितरण करेंगी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों तक महिला समूहों के उत्पाद पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से भी महिलाओं का जीवन बेहतर किया जा रहा है। इससे जुड़कर महिलाएं छोटी-छोटी बचत के माध्यम से रोजगार सृजन कर स्वावलंबी बन रही हैं। शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के साथ बैंकों से ऋण लेकर फिनायल, दोना-पत्तल, झाड़ू निर्माण सहित कई लघु उद्यम स्थापित कर चुकी हैं। अब दिवाली के मद्देनजर समूह की महिलाएं मिट्टी के दीये तैयार कर रही हैं।
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जिले के छह ब्लॉक से 12 समूह इस पर काम कर रहे हैं। महिला समूहों को दीये, मोमबत्तियां, तोहफे और सजावट से जुड़ी सामग्री तैयार कर बाजार में उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में करीब 50 महिला समूहों की 200 से 250 महिलाएं दिवाली पर घर-आंगन को रोशन करने के लिए दिन-रात विभिन्न उत्पाद तैयार करने में जुटी हैं। इन उत्पादों को बाजार में कंपनियों के उत्पादों की तरह पहचान दिलाने और अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी है।
इसके लिए व्यापारियों से संपर्क करने के साथ ही बिक्री के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए त्योहार के दौरान बाजारों में स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे ग्राहकों को स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा।
वहीं, महिला समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री से आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। एनआरएलएम की ओर से इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
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जल्द ही दुकानदारों से मिलकर इसका वितरण करेंगी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों तक महिला समूहों के उत्पाद पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से भी महिलाओं का जीवन बेहतर किया जा रहा है। इससे जुड़कर महिलाएं छोटी-छोटी बचत के माध्यम से रोजगार सृजन कर स्वावलंबी बन रही हैं। शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के साथ बैंकों से ऋण लेकर फिनायल, दोना-पत्तल, झाड़ू निर्माण सहित कई लघु उद्यम स्थापित कर चुकी हैं। अब दिवाली के मद्देनजर समूह की महिलाएं मिट्टी के दीये तैयार कर रही हैं।
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जिले के छह ब्लॉक से 12 समूह इस पर काम कर रहे हैं। महिला समूहों को दीये, मोमबत्तियां, तोहफे और सजावट से जुड़ी सामग्री तैयार कर बाजार में उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में करीब 50 महिला समूहों की 200 से 250 महिलाएं दिवाली पर घर-आंगन को रोशन करने के लिए दिन-रात विभिन्न उत्पाद तैयार करने में जुटी हैं। इन उत्पादों को बाजार में कंपनियों के उत्पादों की तरह पहचान दिलाने और अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी है।
इसके लिए व्यापारियों से संपर्क करने के साथ ही बिक्री के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए त्योहार के दौरान बाजारों में स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे ग्राहकों को स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा।
वहीं, महिला समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री से आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। एनआरएलएम की ओर से इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।