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हाईवे: इमरजेंसी सेवाओं की तकनीकी गड़बड़ियां होगी दूर
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ज्ञानपुर। वाराणसी-प्रयागराज हाइवे पर दो सालों से खराब पड़े इमरजेंसी सेवाओं के सुधार की दिशा में हाईवे प्राधिकरण की टीम कार्य कर रही है। टीम के तकनीशियन इमरजेंसी सेवाओं की तकनीकी खामियों में सुधार के साथ ही उसकी साफ-सफाई का कार्य शुरु कर दिया है। आपात स्थितियों में यह इमरजेंसी सेवाओं यात्रा कर रहे लोगों के लिए काफी लाभदायक होती है।
राजातालाब-हंडिया खंड के वाराणसी-प्रयागराज हाईवे की कुल दूरी 68 किमी है। जिले में हाइवे का दायरा 29 किमी के परिधि में है। इस परिधि में लगभग 25 की संख्या में इमरजेंसी फोन स्टैंड स्थापित कराए गए हैँ। इमरजेंसी फोन स्टैंड एक बाक्स की तरह है और संचालन सोलर पर निर्भर है। यात्रा के समय कोई भी इमरजेंसी सेवा लेने के लिए फोन स्टैंड बाक्स में लगी बटन को दबाकर उपयोग किया जा सकता है। आपात स्थितियों में यात्रा कर रहे लोगों के लिए यह स्टैंड काफी मददगार साबित होते हैं, लेकिन कई महीनों से इसका नेटवर्क काफी खराब है।
हालांकि इमरजेंसी फोन स्टैंड की व्यवस्था संभाल रही वालिक्स आईटी संस्था अब इसमें सुधार कर रही है। जेई वालिक्स आईटी संस्था के चंदन कुमार ने बताया कि हाइवे की इमरजेंसी सेवाओं को दुरूस्त कराने के साथ ही उसकी साफ-सफाई कराई जा रही है।
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राजातालाब-हंडिया खंड के वाराणसी-प्रयागराज हाईवे की कुल दूरी 68 किमी है। जिले में हाइवे का दायरा 29 किमी के परिधि में है। इस परिधि में लगभग 25 की संख्या में इमरजेंसी फोन स्टैंड स्थापित कराए गए हैँ। इमरजेंसी फोन स्टैंड एक बाक्स की तरह है और संचालन सोलर पर निर्भर है। यात्रा के समय कोई भी इमरजेंसी सेवा लेने के लिए फोन स्टैंड बाक्स में लगी बटन को दबाकर उपयोग किया जा सकता है। आपात स्थितियों में यात्रा कर रहे लोगों के लिए यह स्टैंड काफी मददगार साबित होते हैं, लेकिन कई महीनों से इसका नेटवर्क काफी खराब है।
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हालांकि इमरजेंसी फोन स्टैंड की व्यवस्था संभाल रही वालिक्स आईटी संस्था अब इसमें सुधार कर रही है। जेई वालिक्स आईटी संस्था के चंदन कुमार ने बताया कि हाइवे की इमरजेंसी सेवाओं को दुरूस्त कराने के साथ ही उसकी साफ-सफाई कराई जा रही है।
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