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हाईवे: 51 गांवों से अधिग्रहीत होगी 102 हेक्टेयर भूमि
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मछलीशहर-भदोही वाया वाराणसी हाईवे संख्या 731 की कवायद शुरू हो गई है। भदोही तहसील के 51 गांवों से लगभग 102.6919 हेक्टेयर भूमि को अधिग्रहीत करने के लिए आधिपत्य विभाग ने काश्तकारों की आपत्तियों के निस्तारण की प्रकिया तेज कर दी है। सूचना के मुताबिक अगले महीने हाईवे निर्माण की तिथि के साथ ही मुआवजे के लिए सर्किल रेट तय किया जाएगा।
सलाहकार समिति के सदस्य दीनदयाल ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से मछलीशहर-जौनपुर होते हुए भदोही वाया वाराणसी तक लगभग 86 किलोमीटर में हाईवे संख्या 731 प्रस्तावित है। भदोही तहसील के कुल 51 गांवों से लगभग 102.6919 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत कराकर 50 किलोमीटर हाईवे का निर्माण कराया जाएगा। सर्वे कार्य पूरा होने पर 2400 काश्तकारों ने आपत्ति दर्ज कराई है। जिसका निस्तारण अंतिम चरण में है। आगामी माह तक आपत्ति निस्तारण कर फाइनल रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। अधिग्रहण नियमावली जारी होने के दौरान ही काश्तकारों की भूमि हाईवे के लिए अधिग्रहीत होगी और सर्किल दर का मुआवजा मिलेगा।
तय नहीं अधिग्रहण मापक, चौरीवासी चिंतित
ज्ञानपुर/चौरी। मछलीशहर-भदोही वाया वाराणसी हाईवे संख्या 731 के निर्माण और भूमि अधिग्रहण में सबसे अधिक नुकसान चौरी क्षेत्रवासियों को उठाना पड़ेगा। अभी तक चौरीवासी हाईवे के दोनों छोर पर 35 से 40 फीट भूमि अधिग्रहण को लेकर कानाफूसी जारी है, लेकिन यह तय नहीं हो सका है कि काश्तकारों को उजाड़ने में उक्त हाईवे कहां तक सफल हो सकेगा। चौरी क्षेत्र के वेदमनपुर निवासी काश्तकार आशीष दुबे, चकभुईधर निवासी चंद्रशेखर दुबे, कोल्हण निवासी महफूज आलम, कोल्हड़ निवासी जफर हुसैन ने बताया कि लघु एवं सीमांत की काश्तकारी एक धुर से चार-पांच बीघे तक है। यदि हाईवे प्राधिकरण मुआवजा का सर्किल दर और भूमि अधिग्रहण का मापक तय कर दे तो अफवाहों से बचा जा सकता है।
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इन गांवों में अधिग्रहीत होगी भूमि
भदोही तहसील के भंडा, शेरपुर गोपलहां, मिश्राईनपुर, मसूधी, गौरा, हरिकरनपुर, सरायभावसिंह, छनौरा, बिहियापुर, कौवापुर, सुरियावां-जोरावर सिंह, मलेपुर, छपरिया, महुआपुर, चकिया-उदईकापुरा, देवदासपुर, कस्तूरीपुर, चकचंदा, बनकट-हरि पट्टी, सरायक्षत्रशाह, हरिपट्टी, मकनपुर, चकजीवरानी, नरोत्तम-चमरुपट्टी, सियरहा, उगई का पुरा, डूड़वाधर्मरपुर, नेवादाकला, नयनपुर, पिपरिस, किशुनपुर-टेकारी, रयां, पिपरी, धौरहरा, जमुनीपुर, लखनपुर-अभयनपुर, रेवड़ापरसपुर, भिखारीपुर, मानिकपुर, समालकोट, वेदमनपुर, कोल्हड़, चौरीखास, चकभुईधर, चौरीदानूपट्टी, बरदहां, लक्षापुर, अमवांकला, कंधिया, धनापुर, गोडामीर-ईमामली की कुल 102.6919 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी।
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सलाहकार समिति के सदस्य दीनदयाल ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से मछलीशहर-जौनपुर होते हुए भदोही वाया वाराणसी तक लगभग 86 किलोमीटर में हाईवे संख्या 731 प्रस्तावित है। भदोही तहसील के कुल 51 गांवों से लगभग 102.6919 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत कराकर 50 किलोमीटर हाईवे का निर्माण कराया जाएगा। सर्वे कार्य पूरा होने पर 2400 काश्तकारों ने आपत्ति दर्ज कराई है। जिसका निस्तारण अंतिम चरण में है। आगामी माह तक आपत्ति निस्तारण कर फाइनल रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। अधिग्रहण नियमावली जारी होने के दौरान ही काश्तकारों की भूमि हाईवे के लिए अधिग्रहीत होगी और सर्किल दर का मुआवजा मिलेगा।
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तय नहीं अधिग्रहण मापक, चौरीवासी चिंतित
ज्ञानपुर/चौरी। मछलीशहर-भदोही वाया वाराणसी हाईवे संख्या 731 के निर्माण और भूमि अधिग्रहण में सबसे अधिक नुकसान चौरी क्षेत्रवासियों को उठाना पड़ेगा। अभी तक चौरीवासी हाईवे के दोनों छोर पर 35 से 40 फीट भूमि अधिग्रहण को लेकर कानाफूसी जारी है, लेकिन यह तय नहीं हो सका है कि काश्तकारों को उजाड़ने में उक्त हाईवे कहां तक सफल हो सकेगा। चौरी क्षेत्र के वेदमनपुर निवासी काश्तकार आशीष दुबे, चकभुईधर निवासी चंद्रशेखर दुबे, कोल्हण निवासी महफूज आलम, कोल्हड़ निवासी जफर हुसैन ने बताया कि लघु एवं सीमांत की काश्तकारी एक धुर से चार-पांच बीघे तक है। यदि हाईवे प्राधिकरण मुआवजा का सर्किल दर और भूमि अधिग्रहण का मापक तय कर दे तो अफवाहों से बचा जा सकता है।
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इन गांवों में अधिग्रहीत होगी भूमि
भदोही तहसील के भंडा, शेरपुर गोपलहां, मिश्राईनपुर, मसूधी, गौरा, हरिकरनपुर, सरायभावसिंह, छनौरा, बिहियापुर, कौवापुर, सुरियावां-जोरावर सिंह, मलेपुर, छपरिया, महुआपुर, चकिया-उदईकापुरा, देवदासपुर, कस्तूरीपुर, चकचंदा, बनकट-हरि पट्टी, सरायक्षत्रशाह, हरिपट्टी, मकनपुर, चकजीवरानी, नरोत्तम-चमरुपट्टी, सियरहा, उगई का पुरा, डूड़वाधर्मरपुर, नेवादाकला, नयनपुर, पिपरिस, किशुनपुर-टेकारी, रयां, पिपरी, धौरहरा, जमुनीपुर, लखनपुर-अभयनपुर, रेवड़ापरसपुर, भिखारीपुर, मानिकपुर, समालकोट, वेदमनपुर, कोल्हड़, चौरीखास, चकभुईधर, चौरीदानूपट्टी, बरदहां, लक्षापुर, अमवांकला, कंधिया, धनापुर, गोडामीर-ईमामली की कुल 102.6919 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी।