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गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार, मचा हाहाकार

Sat, 27 Aug 2022 10:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 10:33 PM IST
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Ganga's water level crosses the warning point, there is an outcry
सीतामढ़ी। गंगा का जलस्तर शनिवार को चेतावनी बिंदु को पार कर गया। इससे तटवर्ती इलाकों में हाहाकार मच गया। गंगा से सटे कोनिया क्षेत्र के कटान प्रभावित छेछुआ, भुर्रा, इटहरा के किसानों की कृषि भूमि का कटान थम नहीं रहा है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार धीमी जरूर हुई, लेकिन अब भी 1.2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ रहा है। जलस्तर 80.225 तक पहुंच गया है। अब खतरे के निशान से मात्र एक मीटर नीचे है। डीएम, एसपी संग अन्य अधिकारी कटान प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर शिविरों में रहने वाले ग्रामीणों से सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ का पानी बस्तियों में पहुंच गया है। कई सड़कें, चकरोडों पर पानी भर जाने से गांवों और बस्तियों का आपस में संपर्क टूट गया है। कोनिया क्षेत्र के कई गांव की करीब एक हजार बीघे फसल बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। जिससे किसान चिंतित हैं। इसी तरह जंगीगंज धनतुलसी मार्ग से डीघ गांव में जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी आ जाने से संपर्क मार्ग से आवागमन बंद हो गया है। सीतामढ़ी मंदिर मार्ग से बारीपुर गांव जाने वाली पक्की सड़क पर पानी भर जाने से इस सड़क पर लोगों का आवागमन बंद हो गया है। हरीरामपुर से गजाधरपुर जाने वाली संपर्क मार्ग पर लगभग पांच फीट तक पानी भर गया है। कटान प्रभावित गावों में गंगा कटान और तीव्र गति से होने लगा जिससे किसानों की उपजाऊ जमीनें गंगा कटान की भेंट चढ़ती जा रही है। नाराज किसानों ने दूसरे दिन भी जमीनों के मुआवजा के लिए धरना प्रदर्शन किया। जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है। स्थिति यह है कि सीतामढ़ी और बारीपुर गंगा नदी के पास बारिश का पानी निकलने के लिए बने तटबंध के कुएं से बाढ़ का पानी किसानों के खेतों की ओर जाने लगा है। गोपीगंज के रामपुर घाट, औराई के सहसेपुर में भी गंगा का पानी पहुंच गया है। इसको लेकर तटीय गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। डीएम आर्यका अखौरी और एसपी डॉ. अनिल कुमार ने कटान प्रभावित गांव का निरीक्षण किया। इसके बाद शिविर में रहने वाले ग्रामीणों से मिलकर हालचाल जाना। सिंचाई विभाग के अभियंता पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को जलस्तर के वृद्धि में कमी आई है। चार से पांच सेमी प्रति घंटे की बजाए अब 1.2 सेमी की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि चेतावनी बिंदु 80.200 से अधिक 80.225 तक पानी पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 81.200 मीटर से मात्र एक मीटर कम है।
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