{"_id":"25d2b451626cf1a335b1fd36a29fcff5","slug":"ganga-panic-among-people-of-elongation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में बढ़ाव से लोगों में दहशत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में बढ़ाव से लोगों में दहशत
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Sat, 01 Aug 2015 01:39 AM IST
विज्ञापन
आंकड़ों में फेरबदल के बीच शुक्रवार को शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 76.330 मीटर दर्ज किया गया, जो बृहस्पतिवार के 76.250 के मुकाबले .08 मीटर अधिक रहा। इस दौरान कोनिया क्षेत्र के छेछुआ और भुर्रा गांवों में कटान को लेकर लोगों में दहशत बनी रही।
गंगा का जलस्तर में वृद्घि जारी है। शुक्रवार को दिनभर जलस्तर के आंकड़े ऊपर-नीचे होने के बावजूद अंतत: शाम छह बजे तक गंगा के जलस्तर में .08 मीटर की वृद्घि दर्ज की गई।
सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक शुक्रवार शाम की अंतिम रीडिंग 76.330 मीटर रही। उधर गंगा के रौद्र रूप का देखते हुए तटीय इलाके के ग्रामीणों की पेशानी पर बल पड़ गया है।
विज्ञापन
कटान के चलते छेछुआ और भुर्रा की जमीनें फिर गंगा में समाने लगी हैं। कटान प्रभावित गांवों के लोग प्रशासन और शासन की ओर आस भरी निगाह से देखने लगे हैं।
हर वर्ष सताने वाली कटान की समस्या का स्थायी समाधान न होने को लेकर कुछ ग्रामीणों ने रोष भी जाहिर किया। सीतामढ़ी में उड़िया बाबा आश्रम के समीप निर्माणाधीन संस्कृत विद्यालय की नींव तक गंगा का पानी पहुंच गया है। घाटों की कई सीढ़ियां भी बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं।
जिला प्रशासन पूरी नजर रखने का दावा कर रहा है। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने कहा कि बाढ़ और कटान प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की पूरी नजर बनी हुई है। तैयारियां पहले से की गई हैं। आपदा से निपटने के लिए मातहतों को जिम्मेदारी दे दी गई है।
विज्ञापन
गंगा का जलस्तर में वृद्घि जारी है। शुक्रवार को दिनभर जलस्तर के आंकड़े ऊपर-नीचे होने के बावजूद अंतत: शाम छह बजे तक गंगा के जलस्तर में .08 मीटर की वृद्घि दर्ज की गई।
विज्ञापन
सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक शुक्रवार शाम की अंतिम रीडिंग 76.330 मीटर रही। उधर गंगा के रौद्र रूप का देखते हुए तटीय इलाके के ग्रामीणों की पेशानी पर बल पड़ गया है।
विज्ञापन
कटान के चलते छेछुआ और भुर्रा की जमीनें फिर गंगा में समाने लगी हैं। कटान प्रभावित गांवों के लोग प्रशासन और शासन की ओर आस भरी निगाह से देखने लगे हैं।
हर वर्ष सताने वाली कटान की समस्या का स्थायी समाधान न होने को लेकर कुछ ग्रामीणों ने रोष भी जाहिर किया। सीतामढ़ी में उड़िया बाबा आश्रम के समीप निर्माणाधीन संस्कृत विद्यालय की नींव तक गंगा का पानी पहुंच गया है। घाटों की कई सीढ़ियां भी बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं।
जिला प्रशासन पूरी नजर रखने का दावा कर रहा है। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने कहा कि बाढ़ और कटान प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की पूरी नजर बनी हुई है। तैयारियां पहले से की गई हैं। आपदा से निपटने के लिए मातहतों को जिम्मेदारी दे दी गई है।