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Bhadohi News: किसानों और प्रशासन के बीच चार घंटे बातचीत, नहीं निकला नतीजा
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भदोही-वाराणसी सीमा पर प्रस्तावित स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला फिर से गर्म हो गया।
20 साल से चल रहे इस मामले के निपटारे को लेकर बुधवार को मुआवजा प्राप्त कर चुके किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लक्षापुर पंचायत भवन में चार घंटे तक बातचीत हुई। इसमें किसानों ने नई दर से मुआवजा देने की मांग की। लेकिन अभी कोई हल नहीं निकल सका।
अब इस मुद्दे पर सोमवार को फिर बातचीत होगी। मुआवजा न लेने वाले 150 से अधिक किसान वार्ता स्थल से दो किलोमीटर दूर कंधिया फाटक पर हंसिया लेकर डटे रहे। वार्ता को देखते हुए पुलिस, पीएसी की तैनाती कर दी गई थी। भदोही वाराणसी सीमा कंधिया फाटक के पास 208 हेक्टेयर जमीन पर 2003 में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) बनाए जाने की कार्ययोजना पास की गई थी।
कार्यदायी संस्था यूपीएसआईडीसी को यह कार्य सौंपा गया। इसमें 110 हेक्टेयर जमीन किसानों की अधिग्रहित की जा चुकी है, लेकिन बाकी 98 हेक्टेयर जमीन किसान न देने पर अड़ गए हैं। मामला उच्च न्यायालय में पहुंच गया है।
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किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई बार बातचीत हुई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इसी तरह 15 वर्ष गुजर गए और सेज निर्माण की अवधि भी समाप्त हो गई।
यूपीएसआईडीसी का मामला खत्म होने के बाद अब यूपीसीडा ने यहां पर डेवलपमेंट के लिए 115 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव रखा है। बुधवार को एडीएम न्यायिक और एएसपी की मौजूदगी में तहसील प्रशासन, फायर ब्रिगेड, पीएसी और तीन थानों की पुलिस फोर्स 10 बजे लक्षापुर बाज़ार पहुंची। मुआवजा ले चुके कुछ किसानों को बुलाकर लक्षापुर पंचायत भवन में करीब दो बजे तक वार्ता चली।
डीएम से वार्ता होने की खबर पाकर सैकड़ों महिला व पुरुष किसान कंधिया फाटक के पास जुट गए। इनमें बड़ी संख्या में महिला किसान भी हाथों में हंसुआ लिए शामिल थीं।
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20 साल से चल रहे इस मामले के निपटारे को लेकर बुधवार को मुआवजा प्राप्त कर चुके किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लक्षापुर पंचायत भवन में चार घंटे तक बातचीत हुई। इसमें किसानों ने नई दर से मुआवजा देने की मांग की। लेकिन अभी कोई हल नहीं निकल सका।
अब इस मुद्दे पर सोमवार को फिर बातचीत होगी। मुआवजा न लेने वाले 150 से अधिक किसान वार्ता स्थल से दो किलोमीटर दूर कंधिया फाटक पर हंसिया लेकर डटे रहे। वार्ता को देखते हुए पुलिस, पीएसी की तैनाती कर दी गई थी। भदोही वाराणसी सीमा कंधिया फाटक के पास 208 हेक्टेयर जमीन पर 2003 में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) बनाए जाने की कार्ययोजना पास की गई थी।
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कार्यदायी संस्था यूपीएसआईडीसी को यह कार्य सौंपा गया। इसमें 110 हेक्टेयर जमीन किसानों की अधिग्रहित की जा चुकी है, लेकिन बाकी 98 हेक्टेयर जमीन किसान न देने पर अड़ गए हैं। मामला उच्च न्यायालय में पहुंच गया है।
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किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई बार बातचीत हुई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इसी तरह 15 वर्ष गुजर गए और सेज निर्माण की अवधि भी समाप्त हो गई।
यूपीएसआईडीसी का मामला खत्म होने के बाद अब यूपीसीडा ने यहां पर डेवलपमेंट के लिए 115 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव रखा है। बुधवार को एडीएम न्यायिक और एएसपी की मौजूदगी में तहसील प्रशासन, फायर ब्रिगेड, पीएसी और तीन थानों की पुलिस फोर्स 10 बजे लक्षापुर बाज़ार पहुंची। मुआवजा ले चुके कुछ किसानों को बुलाकर लक्षापुर पंचायत भवन में करीब दो बजे तक वार्ता चली।
डीएम से वार्ता होने की खबर पाकर सैकड़ों महिला व पुरुष किसान कंधिया फाटक के पास जुट गए। इनमें बड़ी संख्या में महिला किसान भी हाथों में हंसुआ लिए शामिल थीं।