फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Forest cover areas will be prepared using Japanese technology at 200 places in the carpet city

Bhadohi News: कालीन नगरी में 200 जगहों पर जापानी तकनीक से तैयार होंगे वनावरण क्षेत्र

Sun, 29 Jun 2025 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:21 AM IST
विज्ञापन
Forest cover areas will be prepared using Japanese technology at 200 places in the carpet city
ज्ञानपुर। कालीन नगरी में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए 200 स्थानों पर जापान की मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया जाएगा। क्लेक्ट्रेट परिसर में भी पौधे रोपे जाएंगे। अन्य स्थानों पर तैयार करने के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रकिया चल रही है। जिले में वनक्षेत्र शून्य हैं, लेकिन वनावरण के दायरे में वृद्धि हुई है।
विज्ञापन

मियावाकी एक जापानी तकनीक है। इसमें पौधों को पास-पास रोपा जाता है। एक से दूसरे पौधों की दूरी करीब पांच से छह फीट तक की होती है। चार लेयर पर पौधे रोपित किए जाते हैं। प्रथम, द्वितीय, तृतीय तल पर पौधे लगाए जाते हैं। खास बात यह कि इससे पौधों की वृद्धि दर सामान्य पौधों की अपेक्षा 10 से 15 गुना तेज होती है। पौधरोपण के तीन साल बाद ही वन क्षेत्र दिखने लगता है। इसमें सबसे अगल-अलग लेयर पर पौधे रोपित किए जाते हैं। पहले लेयर पर दो से तीन फीट वाले पौधे, द्वितीय लेयर पर सात से आठ फीट और तीसरे लेयर पर 18 से 20 की ऊंचाई तक जाने वाले पौधों को लगाया जाता है। जिले में हरियाली का ग्राफ बढ़ाने के लिए वन विभाग प्रयासरत है। इस बार जिले की दो प्रमुख नदियां मोरवा, वरुणा के किनारे एक लाख 40 हजार पौधे रोपित किए है।
विज्ञापन


इनसेट:
ये पौधे लगाए जाएंगे
मियावाकी पद्धति से लगने वाले पौधों में लाल चंदन, इमली, विजयसार, लहसुन, अमलतास, बेल, कचनार, आंवला, अमरुद, बसंत, शनि, करंजी, पलाश, सीताफल, अनार, पारिजात, अंजन, अुर्जन, नीम, जामुन सहित कुल 30 प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। पौधरोपण के तीन से चार साल बाद वन नजर आने लगता है। आठ से 10 साल में जंगल तैयार हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनसेट:
कब कितना बढ़ा वनावरण क्षेत्र:
साल - वनावरण क्षेत्र
2019 - 3.12 फीसदी
2021 - 3.71 फीसदी
2023 - 5.22 फीसदी
नोट- वनावरण क्षेत्र स्क्वायर किलो मीटर में हैं।
--------------------------------

वर्जन:
जिले में वन क्षेत्र शून्य है, हालांकि वनावरण क्षेत्र में 5.22 फीसदी वृद्धि हुई है। मियावाकी पद्धित से जंगल तैयार करने के लिए निर्यातकों सहित अन्य लोगों को उत्साहित किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर में बीडा की तरफ से मियावाकी पद्धित से जंगल तैयार किया जा रहा है। - नीरज आर्य, डीएफओ, भदोही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article