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वर्कचार्ज कर्मियों ने भरी हुंकार
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2016 01:29 AM IST
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विभिन्न मांगों को लेकर लोक निर्माण विभाग परिसर में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
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नियमित किए जाने के पहले दिन से लाभ देने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को वर्कचार्ज कर्मचारियों ने लोक निर्माण विभाग परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें एक वर्ष से लंबित पड़ी हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अंत में मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।
पीडब्ल्यूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के बैनर तले लामबंद हुए कर्मचारियों ने कहा कि कई बार लोक निर्माण विभाग के सचिव और मंत्री से वार्ता होने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। लोक निर्माण कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मराज यादव की अगुवाई में जुटे कर्मचारियों ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठाते हुए आरोप लगाया कि लाखों कर्मचारियों के हित की अनदेखी की जा रही है।
चेतावनी दी कि अगर सरकार हमारी मांगों पर 20 अक्टूबर तक विचार नहीं करती तो 21 अक्टूबर को प्रदेशभर के फील्ड कर्मचारी विधानसभा का घेराव करेंगे। धरना-प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से चिंतामणि दुबे, हरिशंकर यादव, गुलाबचंद्र दुबे, बद्री प्रसाद, हरिगेन सिंह, रामहित बिंद, राजेंद्र, जगत नारायण, विजय उपाध्याय, लाल बहादुर बिंद, शशिभूषण, श्यामधनी आदि ने विचार प्रकट किए। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया।
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पीडब्ल्यूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के बैनर तले लामबंद हुए कर्मचारियों ने कहा कि कई बार लोक निर्माण विभाग के सचिव और मंत्री से वार्ता होने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। लोक निर्माण कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मराज यादव की अगुवाई में जुटे कर्मचारियों ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठाते हुए आरोप लगाया कि लाखों कर्मचारियों के हित की अनदेखी की जा रही है।
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चेतावनी दी कि अगर सरकार हमारी मांगों पर 20 अक्टूबर तक विचार नहीं करती तो 21 अक्टूबर को प्रदेशभर के फील्ड कर्मचारी विधानसभा का घेराव करेंगे। धरना-प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से चिंतामणि दुबे, हरिशंकर यादव, गुलाबचंद्र दुबे, बद्री प्रसाद, हरिगेन सिंह, रामहित बिंद, राजेंद्र, जगत नारायण, विजय उपाध्याय, लाल बहादुर बिंद, शशिभूषण, श्यामधनी आदि ने विचार प्रकट किए। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया।
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