{"_id":"66749552efdc968c85052417","slug":"fire-department-saved-the-lives-of-32-voiceless-people-along-with-nine-people-in-5-months-bhadohi-news-c-20-1-vns1073-640238-2024-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: अग्निशमन विभाग ने 5 महीने में नौ लोगों के साथ 32 बेजुबानों की जिंदगी बचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: अग्निशमन विभाग ने 5 महीने में नौ लोगों के साथ 32 बेजुबानों की जिंदगी बचाई
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिले में अग्निशमन विभाग न सिर्फ आग पर काबू पाने में लोगों की मदद कर रही है, बल्कि बेजुबानों की भी जिंदगियां बचाने का भी काम कर रही है। बीते पांच महीने में अग्निशमन विभाग ने नौ लोगों की जानें बचाई हैं। इसके अलावा 32 बेजुबानों को भी जिंदगी बचाई।
जिले में अगलगी की 211 मामले आएं है। जिसमें सबसे अधिक आग लगी की घटनाएं लोगों की लापरवाही से हुई। केवल 30 मामले ही शॉर्ट सर्किट या हाईटेंशन तार में स्पार्किंग से हुए हैं। गर्मी में अगलगी की घटनाओं में इजाफा भी होता है। खासकर अप्रैल के महीने में जब खेतों में गेहूं की फसलें कटाई के लिए तैयार होती हैं। इस साल जनवरी से मई तक 211 अगलगी की घटनाओं पर काबू पाने का काम तो किया है। इसके अलावा नौ लोगों की जानें बचाई हैं। जिले के खेत-खलिहानों में फसलों की सिंचाई के लिए खेत में कुएं इत्यादि खोद दिए जाते हैं। कई बार इन कुंओं में अनजाने में पशु गिर जाते हैं। वहीं कई बार ऐसा होता है कि आम लोग भी कुओं को नहीं देख पाते और गिर जाते हैं। अग्निशमन विभाग को जब जानकारी होती है तो रेस्क्यू टीम पहुंचकर कुओं से लोगों की जिंदगियों को बचाती है। वहीं कई बार लोग छोटे-छोटे पारिवारिक झगड़ों में भी गलत कदम उठा लेते हैं। इस साल अब तक अग्निशमन विभाग कुल नौ लोगों की जिंदगी बचाने में सफल रही। इसी तरह करीब 32 बेजुबानों को भी कुएं से रेक्स्यू कर बाहर निकाला।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
केस वन- अप्रैल में भुड़की गांव में महिला किसी बात से नाराज होकर कुंए में कूद गई। अग्निशमन को सूचना मिली तो तत्काल मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने एक घंटे की अथक मेहनत के बाद उसे बाहर निकाला।
-- -- -- -- -- -- --
केस दो- मई में औराई के दलपतपुर में गांव का एक युवक गलती से कुएं में गिर गया। सूचना पर अग्निशमन की टीम ने उसे रेस्क्यू कर बाहर निकाला और उसकी जिंदगी बचाई।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्जन
अग्निशमन की टीम अगलगी की सूचना मिलने पर तो पहुंचती है। कुंए में जानवर या इंसानों के गिरने पर भी पहुंचकर उनकी जान बचाती है। इसके लिए रेस्क्यू टीम को विशेष ट्रेनिंग दिया गया होता है।
-ओपी माथुर, एफएसओ, मूंसीलाटपुर।
विज्ञापन
जिले में अगलगी की 211 मामले आएं है। जिसमें सबसे अधिक आग लगी की घटनाएं लोगों की लापरवाही से हुई। केवल 30 मामले ही शॉर्ट सर्किट या हाईटेंशन तार में स्पार्किंग से हुए हैं। गर्मी में अगलगी की घटनाओं में इजाफा भी होता है। खासकर अप्रैल के महीने में जब खेतों में गेहूं की फसलें कटाई के लिए तैयार होती हैं। इस साल जनवरी से मई तक 211 अगलगी की घटनाओं पर काबू पाने का काम तो किया है। इसके अलावा नौ लोगों की जानें बचाई हैं। जिले के खेत-खलिहानों में फसलों की सिंचाई के लिए खेत में कुएं इत्यादि खोद दिए जाते हैं। कई बार इन कुंओं में अनजाने में पशु गिर जाते हैं। वहीं कई बार ऐसा होता है कि आम लोग भी कुओं को नहीं देख पाते और गिर जाते हैं। अग्निशमन विभाग को जब जानकारी होती है तो रेस्क्यू टीम पहुंचकर कुओं से लोगों की जिंदगियों को बचाती है। वहीं कई बार लोग छोटे-छोटे पारिवारिक झगड़ों में भी गलत कदम उठा लेते हैं। इस साल अब तक अग्निशमन विभाग कुल नौ लोगों की जिंदगी बचाने में सफल रही। इसी तरह करीब 32 बेजुबानों को भी कुएं से रेक्स्यू कर बाहर निकाला।
विज्ञापन
विज्ञापन
केस वन- अप्रैल में भुड़की गांव में महिला किसी बात से नाराज होकर कुंए में कूद गई। अग्निशमन को सूचना मिली तो तत्काल मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने एक घंटे की अथक मेहनत के बाद उसे बाहर निकाला।
केस दो- मई में औराई के दलपतपुर में गांव का एक युवक गलती से कुएं में गिर गया। सूचना पर अग्निशमन की टीम ने उसे रेस्क्यू कर बाहर निकाला और उसकी जिंदगी बचाई।
वर्जन
अग्निशमन की टीम अगलगी की सूचना मिलने पर तो पहुंचती है। कुंए में जानवर या इंसानों के गिरने पर भी पहुंचकर उनकी जान बचाती है। इसके लिए रेस्क्यू टीम को विशेष ट्रेनिंग दिया गया होता है।
-ओपी माथुर, एफएसओ, मूंसीलाटपुर।