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Bhadohi News: जमीन नहीं देंगे किसान, चाहे जाना पड़े जेल

Tue, 26 Dec 2023 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 26 Dec 2023 12:48 AM IST
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Farmers will not give land even if they have to go to jail
चौरी। भदोही-वाराणसी जिले की सीमा पर कंधिया फाटक के पास स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला फिर गरमाने लगा है। सोमवार को गोंडामीर इमाम में किसानों की पंचायत हुई। किसानों ने साफ कर दिया कि जमीन नहीं देंगे, चाहे इसके लिए जेल भी क्यों न जाना पड़े। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन समझौते के आधार पर काम नहीं कर रहा है। उधर, शांतिभंग की आशंका में पुलिस ने दो दिनों में 50 किसानों को नोटिस जारी किया है। इस पर किसानों ने नाराजगी जताई।
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वाराणसी-भदोही सीमा के पास करीब चार गांवों की 300 एकड़ जमीन पर स्पेशल इकोनॉमिक जोन विकसित करने को लेकर करीब दो दशक से प्रशासन और किसानों के बीच समझौते की बात चली आ रही है। इसको लेकर 25 जनवरी 2023 को किसानों और जिला प्रशासन के बीच समझौता भी हुआ था। समझौते के अनुसार किसान जमीन के बदले जमीन देने को राजी हुए थे। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन समझौते से मुकर रहा है। कहा कि यूपीएसआईडीसी के कागजों से अभी तक किसानों का नाम नही हटाया गया। इसलिए किसान अपनी उपजाऊ जमीनों को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। दूसरी तरफ महापंचायत की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दो दिनों में 50 किसानों को शांतिभंग की आशंका में नोटिस जारी किया। किसानों का कहना था कि यह उनकी आवाज दबाने का प्रयास है। सपा विधायक जाहिद बेग और पूर्व जिला महासचिव शोभनाथ यादव के अलावा कई नेता भी पंचायत पहुंचे। सभी ने कहा कि वह किसानों के साथ खड़े हैं। इस मौके पर खेत बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंद्रदेव पाल, अखिल किसान सभा के अध्यक्ष रमापति यादव, रामचंद्र, जय प्रकाश सिंह, ब्रहमानंद पटेल, अवधनारायण पटेल, अमृतलाल आदि रहे।
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कालीन उद्योग के चहुंमुखी विकास के लिए बनेगा सेज

चौरी। भदोही वाराणसी जिले की सीमा पर कंधिया फाटक के पास 220 हेक्टेयर में स्पेशल इकोनॉमिक जोन विकसित किया जाना है। साल 2002 में सेज के लिए 220 हेक्टेयर जमीन के प्रस्ताव पर प्रशासन ने 1036 किसानों को 16 करोड़ 66 लाख मुआवजा देकर 111 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण कर लिया था, जबकि 738 किसानों ने जमीन न देने का फैसला करते हुए विरोध शुरू कर दिया। दो दशक से यह मामला लटका हुआ है। इस साल 25 जनवरी को जमीन के बदले जमीन की सहमति बनने के बाद किसान जमीन देने के लिए राजी हुए थे। कालीन उद्योग के चहुंमुखी विकास व उद्यमियों को एक ही कैंपस में निर्यात संबंधी समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्पेशल इकोनॉमिक जोन विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है।
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किसानों के साथ जो समझौता हुआ है, उसी के आधार पर काम होगा। जमीन अधिग्रहण को लेकर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए कुछ किसानों को नोटिस जारी कर पाबंद किया गया है। - शिव प्रकाश यादव, एसडीएम।
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