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Bhadohi News: रबी की खड़ी फसलों की हल्की सिंचाई करें किसान
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ज्ञानपुर। लगातार ठंड पड़ रही है। सूरज की किरणें कम ही समय तक धरती पर पहुंच रही हैं। ऐसे में रबी की फसलों की खास देखभाल जरूरी है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे मौसम में फसलों की सिंचाई जरूरी है। इससे उनका विकास अच्छा होगा। और रोग भी नहीं लगेगा। आलू को पालासे बचाने के लिए हल्की सिंचाई जरूरी है।
जिले में करीब 42 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। वहीं लगभग 1200 से 1300 किसान आलू की खेती करते हैं। जिले में इन दिनों जबरदस्त ठंड का असर देखा जा रहा है। ऐसे में फसलों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। खासकर आलू के लिहाज से यह मौसम अच्छा नहीं है। नवंबर माह में बुआई की गई गेहूं फसल की सिंचाई किसान कर सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि रबी की फसलों की सिंचाई की जानी चाहिए। सिंचाई के बाद खरपतवार नियंत्रण रखने के लिए विशेषज्ञ के सलाह पर दवा का भी छिड़काव कर सकते हैं। किसान बैगन, टमाटर, पत्तागोभी, मिर्च आदि सब्जी के फसलों की निराई गोड़ाई कर मिट्टी चढ़ा दें।
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जिले में करीब 42 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। वहीं लगभग 1200 से 1300 किसान आलू की खेती करते हैं। जिले में इन दिनों जबरदस्त ठंड का असर देखा जा रहा है। ऐसे में फसलों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। खासकर आलू के लिहाज से यह मौसम अच्छा नहीं है। नवंबर माह में बुआई की गई गेहूं फसल की सिंचाई किसान कर सकते हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि रबी की फसलों की सिंचाई की जानी चाहिए। सिंचाई के बाद खरपतवार नियंत्रण रखने के लिए विशेषज्ञ के सलाह पर दवा का भी छिड़काव कर सकते हैं। किसान बैगन, टमाटर, पत्तागोभी, मिर्च आदि सब्जी के फसलों की निराई गोड़ाई कर मिट्टी चढ़ा दें।
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