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Bhadohi News: तहसील में धरना देकर किसानों ने मुआवजे के लिए भरी हुंकार
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भदोही। वाराणसी से मछलीशहर तक बन रहे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए ली जा रही किसानों की जमीन के बदले चारगुना मुआवजे की मांग को लेकर किसान संगठनों ने सोमवार को तहसील में धरना दिया। इसमें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से किसान शामिल हुए।
धरने में शामिल किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के लिए अच्छा करने का वादा कर सरकारें आती हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं करतीं। राजमार्ग के लिए जमीन लेने के बदले किसानों के शोषण का आरोप लगाया। कार्यक्रम पहले से निर्धारित था इसलिए सोमवार को 10 बजे से किसान सभा में पहुंचने लगे थे। राष्ट्रीय पर्यवेक्षक राम अकबाल तिवारी ने कहा कि किसानों के लिए करो या मरो की स्थिति है। सरकार हमारी भूमि जबरन लेना चाहती है लेकिन इसके लिए बने अधिनियम और कायदे कानून को ताक पे रख कर। कहां किसानों का हर स्तर पर शोषण किया जाता है और अधिकारी आंख मूंद लेते हैं।
लोगों ने उपजिलाधिकारी शिव प्रकाश यादव को जो पत्रक दिया उसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न दिशा निर्देशों का उल्लेख किया। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का हवाला भी अपनी पत्रक में दिया। भारतीय किसान यूनियन के सालिक राम यादव और अशोक कुमार ने किसानों मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि हक और अधिकार के लिए हम सबको एक होने से अब कोई नहीं रोक सकता। दोपहर बाद लगभग 3 बजे जिला मजिस्ट्रेट के नाम पत्रक एसडीएम को सौंप कर कार्यक्रम समाप्त किया गया।
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धरना के दौरान कई बार सरकार विरोधी और मजदूर एकता के नारे लगाए गए। रमापति यादव, इंद्रदेव पाल, पंधारी यादव, सुशील कुमार श्रीवास्तव, भुलाल पाल, रामजीत यादव, राजेंद्र कुमार, राम बाबू बिंद समेत भारी संख्या में महिलाएं सम्मिलित रहीं।
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धरने में शामिल किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के लिए अच्छा करने का वादा कर सरकारें आती हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं करतीं। राजमार्ग के लिए जमीन लेने के बदले किसानों के शोषण का आरोप लगाया। कार्यक्रम पहले से निर्धारित था इसलिए सोमवार को 10 बजे से किसान सभा में पहुंचने लगे थे। राष्ट्रीय पर्यवेक्षक राम अकबाल तिवारी ने कहा कि किसानों के लिए करो या मरो की स्थिति है। सरकार हमारी भूमि जबरन लेना चाहती है लेकिन इसके लिए बने अधिनियम और कायदे कानून को ताक पे रख कर। कहां किसानों का हर स्तर पर शोषण किया जाता है और अधिकारी आंख मूंद लेते हैं।
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लोगों ने उपजिलाधिकारी शिव प्रकाश यादव को जो पत्रक दिया उसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न दिशा निर्देशों का उल्लेख किया। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का हवाला भी अपनी पत्रक में दिया। भारतीय किसान यूनियन के सालिक राम यादव और अशोक कुमार ने किसानों मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि हक और अधिकार के लिए हम सबको एक होने से अब कोई नहीं रोक सकता। दोपहर बाद लगभग 3 बजे जिला मजिस्ट्रेट के नाम पत्रक एसडीएम को सौंप कर कार्यक्रम समाप्त किया गया।
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धरना के दौरान कई बार सरकार विरोधी और मजदूर एकता के नारे लगाए गए। रमापति यादव, इंद्रदेव पाल, पंधारी यादव, सुशील कुमार श्रीवास्तव, भुलाल पाल, रामजीत यादव, राजेंद्र कुमार, राम बाबू बिंद समेत भारी संख्या में महिलाएं सम्मिलित रहीं।