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Bhadohi News: कालीनों के साथ पूफ, कुशन और पर्दे भी बना रहे निर्यातक
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भदोही। वैश्विक आर्थिक मंदी ने कालीन निर्यातकों को कुछ नया सोचने पर मजबूर किया है। देखा जा रहा है कि कालीन निर्यातकों ने कालीनों के अलावा नई-नई वस्तुएं बनाने शुरू कर दिए हैं। जिन नई वस्तुओं का उत्पादन हो रहा है वे भी हस्तशिल्प से जुड़े हैं और कालीनों की तरह होम फर्निशिंग की श्रेणी में ही आते हैं। भदोही में बने ये उत्पाद वैश्विक खरीदारों में अपनी जगह बनाने में कामयाब होते दिख रहे हैं। 15 मार्च से नई दिल्ली में होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो में भी इन वस्तुओं का प्रदर्शन होगा।
वैश्विक मंदी के दौर में अब वे सभी वस्तुएं बनानी होगी, जो वैश्विक बाजार में बिक जाए। यह कहना है कि नगर के प्रमुख कालीन निर्यातक और कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) प्रशासनिक समिति के सदस्य इम्तीयाज अंसारी का। उन्होंने कहा कि अब वही लोग बाजार में टिकेंगे जो नया सोचेंगे। बताया कि हम लोग कालीनों, दरियों के इतर पूफ (बैठने के लिए स्टूल), कुशन, थ्रोज (सोफा कवर), पर्दे, लेडीज बैग आदि पर भी काफी जोर दे रहे हैं। खास बात यह है कि इन उत्पादों को भी काफी पसंद किया जा रहा है। इतना ही नहीं ये उत्पाद कालीनों के मुकाबले सस्ते भी होते हैं और बाजार में आसानी से बिक भी जाते हैं।
बताया कि आगामी नई दिल्ली के इंडिया कारपेट एक्सपो में कालीनों के साथ-साथ इन उत्पादों का भी प्रदर्शन करेंगे। जिसकी तैयारियों में लोग लगे हुए हैं। बाजार में इस तरह से छोटे-छोटे बहुत से वस्तुएं लोग बनाकर विश्व पटल पर पहुंचाकर अपना काम कर रहे हैं। लोग मानते हैं कि हर उत्पादक को कुछ नया सोचने की आवश्यकता है।
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वैश्विक मंदी के दौर में अब वे सभी वस्तुएं बनानी होगी, जो वैश्विक बाजार में बिक जाए। यह कहना है कि नगर के प्रमुख कालीन निर्यातक और कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) प्रशासनिक समिति के सदस्य इम्तीयाज अंसारी का। उन्होंने कहा कि अब वही लोग बाजार में टिकेंगे जो नया सोचेंगे। बताया कि हम लोग कालीनों, दरियों के इतर पूफ (बैठने के लिए स्टूल), कुशन, थ्रोज (सोफा कवर), पर्दे, लेडीज बैग आदि पर भी काफी जोर दे रहे हैं। खास बात यह है कि इन उत्पादों को भी काफी पसंद किया जा रहा है। इतना ही नहीं ये उत्पाद कालीनों के मुकाबले सस्ते भी होते हैं और बाजार में आसानी से बिक भी जाते हैं।
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बताया कि आगामी नई दिल्ली के इंडिया कारपेट एक्सपो में कालीनों के साथ-साथ इन उत्पादों का भी प्रदर्शन करेंगे। जिसकी तैयारियों में लोग लगे हुए हैं। बाजार में इस तरह से छोटे-छोटे बहुत से वस्तुएं लोग बनाकर विश्व पटल पर पहुंचाकर अपना काम कर रहे हैं। लोग मानते हैं कि हर उत्पादक को कुछ नया सोचने की आवश्यकता है।
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