{"_id":"570ffa314f1c1b673b4a7004","slug":"examine-the-distribution-of-uniforms","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूनिफार्म वितरण की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूनिफार्म वितरण की होगी जांच
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Fri, 15 Apr 2016 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय स्कूलों में बच्चों के यूनिफार्म वितरण में मानक पर सवाल उठते ही डीएम ने फर्मों के 25 फीसदी धन के आवंटन पर रोक लगाते हुए 80 नोडल अफसरों को दोबारा जांच सौंप दी है। 21 अप्रैल को जांच रिपोर्ट आने के बाद वितरण सही मिलने पर फर्मों का पैसा दिया जाएगा अन्यथा कार्रवाई होगी।
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को हर साल दो सेट यूनिफार्म नि:शुल्क दिया जाता है। वर्ष 2015-16 में परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बीपीएल, एससी और सामान्य एक लाख 80 हजार बच्चों को यूनिफार्म देने के लिए शासन से सात करोड़ रुपए आए थे।जिले के सभी छह ब्लाकों में अलग-अलग फर्मों को यूनिफार्म वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई। विद्यालयों में ड्रेस वितरण के बाद मानक को लेकर सवाल उठा तो डीएम ने खुद जांच की कमान संभाली। डीएम प्रकाश बिंदु ने खुद ही कई स्कूलों में यूनिफार्म जांच की थी, उस दौरान घटिया यूनिफार्म की पोल भी खुल गई।
बच्चों के नामांकन और उपस्थिति के बीच हुए गड़बड़ी की जांच डीएम ने दुबारा शुरू करा दी। उन्होंने 80 नोडल अधिकारियों को जांच सौंपी है। जांच अधिकारी विद्यालयों में बच्चों के नामांकन और उपस्थिति की जांच कर रहे हैं। फर्मों की मनमानी को देखते हुए डीएम ने 25 फीसदी धन पर भी रोक लगा दिया है। जिला समन्वयक आरके सिंह ने बताया कि नोडल अधिकारी 21 अप्रैल को जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौपेंगे। जांच रिपोर्ट में यूनिफार्म वितरण में खामियां मिलने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, एनपीआरसी और फर्म पर कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को हर साल दो सेट यूनिफार्म नि:शुल्क दिया जाता है। वर्ष 2015-16 में परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बीपीएल, एससी और सामान्य एक लाख 80 हजार बच्चों को यूनिफार्म देने के लिए शासन से सात करोड़ रुपए आए थे।जिले के सभी छह ब्लाकों में अलग-अलग फर्मों को यूनिफार्म वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई। विद्यालयों में ड्रेस वितरण के बाद मानक को लेकर सवाल उठा तो डीएम ने खुद जांच की कमान संभाली। डीएम प्रकाश बिंदु ने खुद ही कई स्कूलों में यूनिफार्म जांच की थी, उस दौरान घटिया यूनिफार्म की पोल भी खुल गई।
विज्ञापन
बच्चों के नामांकन और उपस्थिति के बीच हुए गड़बड़ी की जांच डीएम ने दुबारा शुरू करा दी। उन्होंने 80 नोडल अधिकारियों को जांच सौंपी है। जांच अधिकारी विद्यालयों में बच्चों के नामांकन और उपस्थिति की जांच कर रहे हैं। फर्मों की मनमानी को देखते हुए डीएम ने 25 फीसदी धन पर भी रोक लगा दिया है। जिला समन्वयक आरके सिंह ने बताया कि नोडल अधिकारी 21 अप्रैल को जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौपेंगे। जांच रिपोर्ट में यूनिफार्म वितरण में खामियां मिलने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, एनपीआरसी और फर्म पर कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन